करनाल,19 जून। एडीसी डॉ. राहुल रईया ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री राहत कोष के पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इलाज की राशि उपलब्ध करवाई जाए। इसमें अधिकारी किसी स्तर पर कोताही न बरतें। संबंधित विभाग के अधिकारी समय से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि लाभार्थियों को समय पर आर्थिक लाभ मिल सके।
सरल पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य
एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता प्राप्त करने वालों को सरल पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया सरल और आसान है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक या लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। आवेदक अपनी पीपीपी यानी परिवार पहचान पत्र आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदकों को चिकित्सा बिल, ओपीडी बिल आदि संबंधित दस्तावेजों को अपलोड कर मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
समीक्षा बैठक में चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए सरल पोर्टल पर कुल 9 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 8 आवेदनकर्ताओं के आयुष्मान कार्ड होने की वजह से इस योजना में कवर नहीं हुए तथा घरौंडा क्षेत्र के गांव कुटैल निवासी शिवम के आवेदन पर विचार किया गया। जिसमें तहसीलदार घरौंडा की रिपोर्ट मिल चुकी है तथा स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के लिए एडीसी ने उप सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि प्रार्थी के मेडिकल बिलों की जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। बैठक में समिति के सदस्य मौजूद रहे।
