Category: International

कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर शिक्षा

(शिक्षा नहीं, ब्रांड बिक रहे हैं।) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में…

संपत्ति की भूख और बिखरते रिश्ते (परिवार, लालच और बदलते समाज की त्रासदी)

– डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। गांवों की चौपालों में रिश्तों…

तकनीकी क्रांति और लोकतांत्रिक चुनौती के बीच जनगणना

– डॉ. सत्यवान सौरभ भारत वर्ष 2027 में अपनी पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना कराने जा रहा है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत की शासन व्यवस्था, विकास नीति…

कूड़ा, पॉलिथीन और पशु – “कूड़े के ढेर पर खड़े शहर और पॉलिथीन निगलते पशु”

– डॉ. सत्यवान सौरभ शहर इन दिनों कूड़े से अटे पड़े हैं। सड़कों के किनारे सड़ते ढेर, गलियों में फैली दुर्गंध, नालियों में फँसी गंदगी और उनके बीच भोजन तलाशते…

नीट संकट और परीक्षा-व्यवस्था की विश्वसनीयता

पारदर्शिता के नाम पर बार-बार टूटता भरोसा, और सुधार की अनिवार्य चुनौती नीट-2026 को लेकर उत्पन्न अनिश्चितता और रद्दीकरण संबंधी आशंकाओं ने लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी…

गटर में उतरती इंसानियत, सफाईकर्मियों की मौतें बताती हैं कि जातिवाद आज भी जिंदा है

 डॉ. प्रियंका सौरभ भारत के शहर आज दो तस्वीरों में बँटे हुए दिखाई देते हैं। एक तस्वीर चमचमाती सड़कों, स्मार्ट सिटी योजनाओं, बड़े-बड़े मॉल और स्वच्छता अभियानों की है, जबकि…

ससुराल से दूरी और पति पर पकड़ क्यों? (विवाह में सियासत बंद करो, साझेदारी का समय आ गया) 

– डॉ. प्रियंका सौरभ शादी कोई सत्ता-संघर्ष नहीं, बल्कि दो व्यक्तियों के बीच भरोसे, सम्मान और जिम्मेदारी का रिश्ता है। लेकिन हमारे समाज में कई बार विवाह को साझेदारी के…

ममता का किला ढहा, भगवा लहर का उदय – बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, राजनीतिक मायने और विपक्ष का संकट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने 165+ सीटें जीतकर TMC के 15 वर्षीय शासन को उखाड़ फेंका। एंटी-इनकंबेंसी, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और CAA ने मातुआ वोट एकजुट किया। ममता…

बारात, संस्कार और बदलता समाज

— डॉ. प्रियंका सौरभ एक समय था जब बारात का आना केवल एक परिवार का दूसरे परिवार तक पहुँचना नहीं, बल्कि पूरे गाँव का उत्सव माना जाता था। घर-आँगन सजते…

उबलती धरती, डगमगाती थाली, संकट में किसान

हीटवेव की मार से हरियाणा–पंजाब की खेती और किसानों की आय दोनों संकट में — डॉ. सत्यवान सौरभ जलवायु परिवर्तन के इस निर्णायक दौर में चरम गर्मी अब केवल एक…