कूड़ा, पॉलिथीन और पशु – “कूड़े के ढेर पर खड़े शहर और पॉलिथीन निगलते पशु”
– डॉ. सत्यवान सौरभ शहर इन दिनों कूड़े से अटे पड़े हैं। सड़कों के किनारे सड़ते ढेर, गलियों में फैली दुर्गंध, नालियों में फँसी गंदगी और उनके बीच भोजन तलाशते…
– डॉ. सत्यवान सौरभ शहर इन दिनों कूड़े से अटे पड़े हैं। सड़कों के किनारे सड़ते ढेर, गलियों में फैली दुर्गंध, नालियों में फँसी गंदगी और उनके बीच भोजन तलाशते…
पारदर्शिता के नाम पर बार-बार टूटता भरोसा, और सुधार की अनिवार्य चुनौती नीट-2026 को लेकर उत्पन्न अनिश्चितता और रद्दीकरण संबंधी आशंकाओं ने लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी…
डॉ. प्रियंका सौरभ भारत के शहर आज दो तस्वीरों में बँटे हुए दिखाई देते हैं। एक तस्वीर चमचमाती सड़कों, स्मार्ट सिटी योजनाओं, बड़े-बड़े मॉल और स्वच्छता अभियानों की है, जबकि…
– डॉ. प्रियंका सौरभ शादी कोई सत्ता-संघर्ष नहीं, बल्कि दो व्यक्तियों के बीच भरोसे, सम्मान और जिम्मेदारी का रिश्ता है। लेकिन हमारे समाज में कई बार विवाह को साझेदारी के…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने 165+ सीटें जीतकर TMC के 15 वर्षीय शासन को उखाड़ फेंका। एंटी-इनकंबेंसी, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और CAA ने मातुआ वोट एकजुट किया। ममता…
— डॉ. प्रियंका सौरभ एक समय था जब बारात का आना केवल एक परिवार का दूसरे परिवार तक पहुँचना नहीं, बल्कि पूरे गाँव का उत्सव माना जाता था। घर-आँगन सजते…
हीटवेव की मार से हरियाणा–पंजाब की खेती और किसानों की आय दोनों संकट में — डॉ. सत्यवान सौरभ जलवायु परिवर्तन के इस निर्णायक दौर में चरम गर्मी अब केवल एक…
-डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में उच्च शिक्षा का तीव्र विस्तार अवसरों के साथ-साथ गंभीर चुनौतियाँ भी लेकर आया है। एक ओर विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों की संख्या तेजी…
— डॉ. प्रियंका सौरभ वॉशिंगटन के प्रतिष्ठित वॉशिंगटन हिल्टन में शनिवार रात हुई गोलीबारी ने पूरी दुनिया को एक बार फिर चौंका दिया। यह केवल एक सुरक्षा संबंधी घटना नहीं…
-डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक संरचना में त्योहारों का स्थान केवल आनंद और उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज की ऐतिहासिक स्मृति, आर्थिक संरचना, प्रकृति के साथ…