नारी शक्ति या सत्ता का नया मुखौटा? (आरक्षण, नैतिकता और राजनीति का असली सवाल)
– डॉ. प्रियंका सौरभ देश में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ, तो इसे “ऐतिहासिक” बताया गया, संसद में तालियां बजीं और महिला सशक्तिकरण के नए युग की घोषणा…
– डॉ. प्रियंका सौरभ देश में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ, तो इसे “ऐतिहासिक” बताया गया, संसद में तालियां बजीं और महिला सशक्तिकरण के नए युग की घोषणा…
आस्था के नाम पर फैलते छल से बचकर ही सुरक्षित रहेगी किसान की मेहनत – डॉ. सत्यवान सौरभ उत्तर भारत के गाँवों में गेहूँ की कटाई केवल एक मौसम नहीं,…
— डॉ. प्रियंका सौरभ आज के समय में अगर कोई सबसे तेज़ी से फैलने वाली चीज़ है, तो वह है—“बकवास”। फर्क बस इतना है कि अब यह बकवास चाय की…
(हर भावना का प्रदर्शन, हर रिश्ते का प्रचार, और हर मौके का राजनीतिक/सामाजिक इस्तेमाल।) — डॉ. सत्यवान सौरभ मकान का मुहूर्त हो या दुकान का उद्घाटन, शादी-ब्याह की खुशियाँ हों…
(डॉक्टर की चुप्पी टूटी तो सामने आया सिस्टम का काला चेहरा) — डॉ. सत्यवान सौरभ हाल ही में सामने आई एक युवा डॉक्टर की कहानी ने पूरे समाज को झकझोर…
कहा: मोहम्मद अली पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश इससे रहे हैं पीड़ित,सही इलाज से मुमकिन है सामान्य जीवन कुरुक्षेत्र, 10 अप्रैल। अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्लयू बुश, कैथोलिक चर्च के पोप…
(वीआईपी दर्शन के बढ़ते चलन में आम श्रद्धालु कहाँ खड़ा है?) – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत जैसे देश में, जहाँ धर्म और आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास का विषय नहीं बल्कि…
(सड़क पर ठेला हटता है, लेकिन शोरूम का सामान क्यों नहीं?कार्रवाई वहीं तेज़, जहाँ विरोध की आवाज़ कमजोर हो। फुटपाथ वाले अपराधी, लेकिन पार्किंग निगलते कॉम्प्लेक्स बेदाग़।) डॉ. सत्यवान सौरभ…
(चार प्रमुख विश्वविद्यालयों में वित्तीय घोटाले, भर्ती अनियमितताएं और सत्ता के दुरुपयोग ने शिक्षा व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल) – डॉ. सत्यवान सौरभ हरियाणा के उच्च शिक्षा क्षेत्र में…
पढ़ी-लिखी और स्वतंत्र होने के बावजूद कई महिलाएं शोषण का शिकार हो रही हैं। इस विचारधारा के अनुसार इसका एक कारण उनकी भावनात्मक प्रवृत्ति मानी जाती है, जिसका कुछ लोग…