सादगी भरी शादियाँ: अमीर लोगों को समाज के लिए उदाहरण क्यों बनना चाहिए
(अमीरों की सादगी से बदलेगी शादी की सोच) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक आयोजन भी माना जाता है।…
(अमीरों की सादगी से बदलेगी शादी की सोच) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक आयोजन भी माना जाता है।…
– डॉ. सत्यवान सौरभ डिजिटल युग ने अभिव्यक्ति के नए दरवाजे खोले हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने हर व्यक्ति को अपनी बात दुनिया तक पहुँचाने का अवसर दिया है।…
(सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं है यू.पी.एस.सी., यू.पी.एस.सी. से आगे भी है सफलता की दुनिया) – डॉ. सत्यवान सौरभ हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) के परिणाम घोषित…
(संघर्ष की कहानी या लोकप्रियता का कथानक?) कई अभ्यर्थी वास्तव में गाँवों या साधारण परिवारों से आते हैं और अपनी कहानी इसलिए साझा करते हैं ताकि दूसरे युवाओं को प्रेरणा…
नारी पुरस्कारों का बाज़ार (सम्मान की चमक के पीछे छिपा दिखावे का कारोबार) नारी सम्मान का उद्देश्य महिलाओं को समाज में उनकी वास्तविक भूमिका और योगदान के लिए पहचान देना…
(8 मार्च — अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष) (अपनी शिक्षा के दौरान भारत सरकार का नेशनल अवार्ड, अमेरिका की जीई फंड स्कॉलरशिप, विकरी और हैरिस अवार्ड तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय की…
– डॉ. सत्यवान सौरभ होली केवल एक त्योहार नहीं, भारतीय समाज की सामूहिक चेतना का उत्सव है। यह रंगों का, उल्लास का, मन की गांठें खोलने का और रिश्तों में…
– डॉ. सत्यवान सौरभ एशिया का भू-राजनीतिक परिदृश्य सदियों से संघर्ष, हस्तक्षेप और साजिशों से घिरा रहा है। यह महाद्वीप न केवल जनसंख्या और संस्कृति का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक…
– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों…
सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद् गीता सभागार में शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ किया संवाद कुरुक्षेत्र, 28 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक…