नीट से शुरू, राजनीति पर खत्म!
— डॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहाँ जनता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यही अधिकार लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखता है।…
— डॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहाँ जनता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यही अधिकार लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखता है।…
– डॉ. प्रियंका सौरभ हर सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने नागरिकों की गरिमा, निजता और सुरक्षा को कितना महत्व देता है। विशेषकर महिलाओं…
– डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय लोकतंत्र की संपूर्ण संरचना चार प्रमुख स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया—पर आधारित है। इनमें न्यायपालिका वह संस्था है, जिसके समक्ष प्रत्येक नागरिक अंतिम उम्मीद…
उच्च शिक्षा संस्थानों में रोजगारोन्मुखी नवाचार का नया मॉडल बनेगा केयू का एआई जॉब फेयरः प्रो. सोमनाथ सचदेवा कुरुक्षेत्र, 9 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल…
– डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग, साझेदारी और पारस्परिक उत्तरदायित्व की एक जीवंत संस्था रहा है। इस संस्था की…
एंकर :: रेवाड़ी जिले के बावल कस्बे में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हितों को…
पानी की मांग जायज़ है, लेकिन किसी अधिकारी का मूल्यांकन उसकी जाति से नहीं, उसके कार्यों से होना चाहिए – डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा के हांसी क्षेत्र के चैनत गाँव…
-न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम के कारण चप्पल तक नहीं पहन सकता था, दूसरों पर हो गया था निर्भर कुरुक्षेत्र। असहनीय दर्द और शारीरिक अक्षमता के कारण जिंदगी नर्क जैसी हो गई थी। हालात…
(शिक्षा नहीं, ब्रांड बिक रहे हैं।) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में…
– डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। गांवों की चौपालों में रिश्तों…