करंट कर्मचारियों को, झटका जनता को!
निजीकरण की बहस, कर्मचारियों की हड़ताल और उपभोक्ताओं के अधिकारों के बीच आखिर पिस क्यों रही है आम जनता? – डॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र में सरकार का सबसे बड़ा दायित्व…
निजीकरण की बहस, कर्मचारियों की हड़ताल और उपभोक्ताओं के अधिकारों के बीच आखिर पिस क्यों रही है आम जनता? – डॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र में सरकार का सबसे बड़ा दायित्व…
हरियाणा के राखीगढ़ी से मिले पुरातात्विक अवशेष, प्राचीन समाज में स्त्री की स्थिति, सांस्कृतिक परंपराओं और भारतीय सभ्यता के विकास को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर देते हैं। –…
– डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय समाज में आईएएस और एचसीएस जैसी प्रशासनिक सेवाओं में चयन को प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन और मेधा की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। इन सेवाओं…
– डॉ. प्रियंका सौरभ वन्यजीव किसी देश की प्राकृतिक संपदा भर नहीं होते, बल्कि वे उसके पारिस्थितिक तंत्र की जीवंत कड़ियाँ हैं। जंगल, घासभूमि, आर्द्रभूमि, नदियाँ और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र…
– डॉ. सत्यवान सौरभ आज सोशल मीडिया हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सऐप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग कुछ ही…
देशभर के शिक्षकों और शिक्षाविदों ने शिक्षा को अधिक रचनात्मक, प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के की चर्चा कुरुक्षेत्र, 29 सितम्बर : कुरुक्षेत्र में देशभर के शिक्षकों और शिक्षाविदों ने शिक्षा…
— डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में सामाजिक न्याय की बहस जितनी पुरानी है, उतनी ही संवेदनशील भी। अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के विरुद्ध भेदभाव, सामाजिक अपमान और हिंसा की…
— डॉ. प्रियंका सौरभ अंततः अमेरिकी दबाव ने असर दिखाया—यह निष्कर्ष आकर्षक जरूर है, लेकिन 14 सितंबर की वित्त मंत्रालय की अधिसूचना को समझने के लिए थोड़ी सावधानी जरूरी है।…
[नकली बोतल, असली मौत और सोया हुआ सिस्टम] [जहर बेचने वाले ही दोषी नहीं, रोकने वाले भी सवालों में] मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब ने अब तक ग्यारह जिंदगियां निगल लीं।…
ईओएस-05 का प्रक्षेपण भारत द्वारा सतत पृथ्वी अवलोकन के क्षेत्र में उठाया गया पहला कदम है। – डॉ. प्रियंका सौरभ पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अब शासन व्यवस्था, आपदा राहत, कृषि क्षेत्र,…