शिक्षक : भविष्य की दिशा और शिक्षा का नया स्वरूप
( शिक्षक दिवस विशेष ) तकनीक के युग में शिक्षक : ज्ञान ही नहीं, जीवन-दृष्टि के भी निर्माता डॉ. सत्यवान सौरभ शिक्षा का स्वरूप आज जिस तीव्र गति से बदल…
( शिक्षक दिवस विशेष ) तकनीक के युग में शिक्षक : ज्ञान ही नहीं, जीवन-दृष्टि के भी निर्माता डॉ. सत्यवान सौरभ शिक्षा का स्वरूप आज जिस तीव्र गति से बदल…
– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत के शहर हर मानसून में एक ही कहानी दोहराते दिखाई देते हैं—कुछ घंटों की तेज बारिश, सड़कों पर जमा पानी, जाम में फँसी गाड़ियाँ, डूबते…
– डॉ. प्रियंका सौरभ हम अपने घर को साफ रखने के महत्व से अवगत हैं, लेकिन जैसे ही हम अपने घर से बाहर निकलते हैं, हमारी जिम्मेदारी की भावना गायब…
जवाबदेही के लिए अधिकार की आवश्यकता होती है, सिर्फ कैमरे की नहीं। — डॉ. सत्यवान सौरभ आजकल सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का नज़रिया एक चलन बनता जा रहा है,…
रामराय से उठी नई आवाज, सामाजिक बदलाव की अगुवाई करेंगी महिलाएं हरियाणा के जींद जिले के रामराय गांव में रविवार, 23 अगस्त 2026 को नौगामा खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर…
भारत में मानसून केवल एक मौसम नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और कृषि की जीवन रेखा है। जुलाई के मौजूदा हालात पर नजर डालें, तो यह जीवन रेखा आम नागरिक…
— डॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहाँ जनता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यही अधिकार लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखता है।…
– डॉ. प्रियंका सौरभ हर सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने नागरिकों की गरिमा, निजता और सुरक्षा को कितना महत्व देता है। विशेषकर महिलाओं…
– डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय लोकतंत्र की संपूर्ण संरचना चार प्रमुख स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया—पर आधारित है। इनमें न्यायपालिका वह संस्था है, जिसके समक्ष प्रत्येक नागरिक अंतिम उम्मीद…
उच्च शिक्षा संस्थानों में रोजगारोन्मुखी नवाचार का नया मॉडल बनेगा केयू का एआई जॉब फेयरः प्रो. सोमनाथ सचदेवा कुरुक्षेत्र, 9 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल…