Category: National

जब कमाई रिश्तों से बड़ी हो जाए

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग, साझेदारी और पारस्परिक उत्तरदायित्व की एक जीवंत संस्था रहा है। इस संस्था की…

रेवाड़ी के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में खेती बचाओ कार्यक्रम का समापन। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। कई करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण कर कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

एंकर :: रेवाड़ी जिले के बावल कस्बे में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हितों को…

पानी की लड़ाई में क्यों घुला जातिवाद?

पानी की मांग जायज़ है, लेकिन किसी अधिकारी का मूल्यांकन उसकी जाति से नहीं, उसके कार्यों से होना चाहिए – डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा के हांसी क्षेत्र के चैनत गाँव…

आयुष विश्वविद्यालय में पंचकर्म उपचार से व्हीलचेयर छोड़ पैरों पर खड़ा हुआ अंबाला का सतपाल    

-न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम के  कारण चप्पल तक नहीं पहन सकता था, दूसरों पर हो गया था निर्भर    कुरुक्षेत्र। असहनीय दर्द और शारीरिक अक्षमता के कारण जिंदगी नर्क जैसी हो गई थी। हालात…

कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर शिक्षा

(शिक्षा नहीं, ब्रांड बिक रहे हैं।) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में…

संपत्ति की भूख और बिखरते रिश्ते (परिवार, लालच और बदलते समाज की त्रासदी)

– डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। गांवों की चौपालों में रिश्तों…

गर्मी में मटके का पानी क्यों है अमृत समान

— डॉ. सत्यवान सौरभ भीषण गर्मी के दिनों में जब सूर्य की तपिश धरती को झुलसाने लगती है, तब एक घूंट ठंडा पानी जीवन का सबसे बड़ा सुख प्रतीत होता…

गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग करने वाले मौलाना अरशद मदनी का ब्यान सौ करोड़ सनातनियों का सम्मान: वीरेश शांडिल्य

अंबाला।  विश्व हिन्दू तख्त के अंतर्राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के ब्यान का स्वागत किया जिसमें मदनी ने केंद्र सरकार से गाय को…

तकनीकी क्रांति और लोकतांत्रिक चुनौती के बीच जनगणना

– डॉ. सत्यवान सौरभ भारत वर्ष 2027 में अपनी पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना कराने जा रहा है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत की शासन व्यवस्था, विकास नीति…

कूड़ा, पॉलिथीन और पशु – “कूड़े के ढेर पर खड़े शहर और पॉलिथीन निगलते पशु”

– डॉ. सत्यवान सौरभ शहर इन दिनों कूड़े से अटे पड़े हैं। सड़कों के किनारे सड़ते ढेर, गलियों में फैली दुर्गंध, नालियों में फँसी गंदगी और उनके बीच भोजन तलाशते…