कुरुक्षेत्र, 31 जुलाई : प्रेरणा वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम अवसर पर भारत माता के महान क्रांतिकारी निर्भीक सुपुत्र शहीद उधम सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक एवं संचालक डा.जय भगवान सिंगला ने कहा कि शहीद उधम सिंह का बलिदान कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। इस बहादुर क्रांतिकारी नौजवान ने पूरे 21 साल तक बदला लेने के लिए इंतजार किया, वह उस दिन जलियांवाला बाग में स्वयं उपस्थित था जिस दिन जनरल डायर ने निर्दोष शांतिप्रिय बैठे लोगों पर गोली चलाकर हजारों बेगुनाहो को मौत के घाट उतारा था। उसी दिन इस नौजवान ने वहां की लहू से सनी मिट्टी को उठाकर कसम ली थी कि मैं जब तक जनरल डायर को मौत के घाट नहीं उतार दूंगा मैं चैन से नहीं बैठूंगा और मौका मिलते ही उसने एम डायर को मौत के घाट उतार दिया।
इस अवसर पर बनारस से आए डा. अमित दादा एवं विनीता ने कहा कि पंजाब की धरती वीरों की धरती है। यहां से हमेशा क्रांतिकारियों ने जन्म लिया है और अन्याय के खिलाफ सदा संघर्ष किया है। उपाध्यक्ष किरण गर्ग ने एक मार्मिक कविता के माध्यम से शहीद उधम सिंह की जीवनी बारे विस्तार से बताया। मां यशोदा वाटिका की प्रिंसिपल राजकुमारी पवार ने कहा कि हमें उधम सिंह जैसे वीरों से शिक्षा लेकर सदा अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का प्रण लेना चाहिए ताकि फिर कभी कोई जनरल डायर निर्दोषों पर जुल्म करने का साहस न कर सके।
माता बलविंदर कौर, कौशल और क्षमा ने मधुर गीतों के माध्यम से अपने विचार रखे। इस अवसर पर मंच संचालन प्रेरणा महासचिव हरकेश पपोसा ने किया। बुजुर्गों में से अजीत नाम के बुजुर्ग ने विस्तार से शहीद उधम सिंह के बचपन और सात समुंदर पार की यात्रा बारे बताया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष आशा सिंगला, नरेश गर्ग, उपाध्यक्ष किरण गर्ग, सुरेखा, प्रेरणा प्रधान जसवीर गुंबर, शिल्पा सिंगला आशिमा गुप्ता, दिलावर श्रीवास्तव, जोगिंदर, चंद्रकांत शर्मा, उषा सच्चर, कौशल, बलविंदर, भोला, विशंभर, संतोष, सतीश कुमार, अजीत एवं अन्य कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
