करनाल। सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और विश्व कल्याण के शाश्वत संदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 में सहभागिता के लिए हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को जापान पहुंच गया, जहां टोक्यो के प्रतिष्ठित हनेडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गीता मनीषी परम पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के नेतृत्व में सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हैं। सभी प्रतिनिधि जापान की पावन धरती पर भारतीय संस्कृति, गीता दर्शन और मानवता के सार्वभौमिक मूल्यों का अनुकरणीय संदेश लेकर पहुंचे हैं।
इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने की कला का दिव्य मार्गदर्शक है। गीता का संदेश देश, काल और सीमाओं से परे है तथा यह मनुष्य को कर्तव्य, आत्मविश्वास, सेवा, समरसता और विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया शांति, संतुलन और आध्यात्मिक मूल्यों की ओर देख रही है और गीता इन सभी प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करती है। जापान में आयोजित यह महोत्सव भारत की आध्यात्मिक विरासत को विश्व समुदाय तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु’ की भावना ही गीता का मूल संदेश है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा विश्व मानवता को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भारतीय संस्कृति, सनातन दर्शन और आध्यात्मिक मूल्यों को विश्व पटल पर स्थापित करने का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि जापान जैसे विकसित और तकनीकी रूप से अग्रणी देश में गीता का संदेश पहुंचना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और सम्मान का विषय है। गीता मानव जीवन में कर्तव्यनिष्ठा, नैतिकता और आत्मबल का संचार करती है तथा विश्व शांति की आधारशिला प्रस्तुत करती है।
वहीं, भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता कर्मयोग, अनुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि का अमूल्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित यह महोत्सव विश्व समुदाय को भारतीय संस्कृति की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा। साथ ही यह आयोजन भारत-जापान मैत्री संबंधों को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगा।
कार्यक्रमों में झलक रही विविधता
उल्लेखनीय है कि 19 से 24 जून तक जापान के टोक्यो और ओसाका में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गीता प्रवचन, आध्यात्मिक संवाद, गीता संगोष्ठियां, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा भारतीय दर्शन पर आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव का संचालन एवं समन्वय कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है। यह महोत्सव न केवल भारतीय संस्कृति की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि गीता के शाश्वत संदेश—कर्तव्य, करुणा, समरसता और विश्व बंधुत्व—को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
