कुवि की 11वीं गीता कांफ्रेंस को 11 विभाग मिलकर करेंगे आयोजित
कुलगुरु ने किया अंतर्राष्ट्रीय गीता कांफ्रेंस के पोस्टर को जारी
14 से 16 दिसम्बर तक आयोजित होगी इंटरनेशनल गीता कांफ्रेंस
कुरुक्षेत्र, 3 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस-2026’’ की तैयारियों को लेकर सोमवार को कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में कमेटी रूम में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा द्वारा इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस-2026 की आधिकारिक थीम एवं कॉन्फ्रेंस की औपचारिक घोषणा की तथा गीता कॉन्फ्रेंस के पोस्टर को जारी किया गया।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि 14 से 16 दिसंबर 2026 तक श्रीमद्भगवद् गीताः परम्पराएं और प्रभाव- वैश्विक संस्कृतियों का समन्वय विषय पर आयोजित होने वाली यह अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जाएगी। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गीता कांफ्रेंस में 15 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल होंगे। इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस-2026 केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश और वैश्विक मानवीय मूल्यों को विश्व समुदाय तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से यह सम्मेलन देश-विदेश के विद्वानों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों के लिए ज्ञान-विमर्श का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस-2026 का उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक विकास, कानून, स्वास्थ्य, पर्यटन तथा सतत विकास’’ जैसे समकालीन विषयों पर देश-विदेश के विद्वानों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। उन्हांेने बताया कि 11वीं इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस में 11 विभागों को विभिन्न तकनीकी सत्रों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विदेशी विद्वानों एवं शोधकर्ताओं की सहभागिता से सम्मेलन की अंतरराष्ट्रीय गरिमा और अधिक बढ़ेगी।
कांफ्रेस के निदेशक व छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि बैठक में सम्मेलन की समग्र रूपरेखा, विभिन्न तकनीकी सत्रों, शोधपत्र प्रस्तुतियों, पोस्टर प्रेजेंटेशन तथा आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सम्मेलन के लिए प्रस्तावित विभिन्न तकनीकी सत्रों की जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं होटल प्रबंधन, सरस्वती शोध केन्द्र, हरियाणा सरस्वती हेरिटेज डेवलेपमेंट बोर्ड, भूविज्ञान विभाग, सामाजिक कार्य, संस्कृत, हिंदी विभाग, गृह विज्ञान, फार्मास्यूटिकल साइंसेज, विधि, प्राचीन भारतीय इतिहास, पर्यावरण अध्ययन तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर अध्ययन केंद्र को अलग-अलग विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल एवं बोर्ड के अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लेते हुए विश्वविद्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर सम्मेलन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाने की बात कही।
इस अवसर पर कुवि कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, केयू छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, केडीबी के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. नीरा राघव, प्रो. कृष्णा देवी, डॉ. भीम राव अम्बेडकर अध्ययन केन्द्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह, प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. वनीता ढींगरा, प्रो. मोहिन्द्र चांद, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. आरके देसवाल, प्रो. भगत सिंह, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया मौजूद रहे।
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अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भगवान बुद्ध पर होगा सेमिनार
डॉ. अम्बेडकर अध्ययन संस्थान के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस-2026 के तहत कुरुक्षेत्र में बौद्ध धर्म का प्रभावः साहित्यिक स्रोत, पुरातात्त्विक साक्ष्य एवं तीर्थ-परंपरा विषय पर सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इस सेमिनार का आयोजन डॉ. भीमराव आंबेडकर अध्ययन केंद्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। बुद्ध के सबसे ज्यादा स्तूप कुरुक्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में हैं और इसका मुख्य कारण यह है कि भगवान बुद्ध भी गीता से प्रेरित होकर इस स्थान पर खींचे चले आए थे। सेमिनार में भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, समता और सामाजिक न्याय संबंधी विचारों के साथ-साथ समकालीन समाज में उनकी प्रासंगिकता पर देश-विदेश के विद्वान अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
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अंतर्राष्ट्रीय गीता कांफ्रेंस में हिंदी विभाग करेगा एक सत्र का आयोजन
इंटरनेशनल गीता कॉन्फ्रेंस-2026 के अंतर्गत हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस सेमिनार में हिंदी साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेशों पर विद्वानों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। देश-विदेश के विशेषज्ञ एवं शोधार्थी इस अकादमिक मंच पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। हिंदी विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष सत्र में गुलजारी लाल नंदा केन्द्र एवं भीमराव अम्बेडकर केन्द्र तथा सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर गीता एवं साहित्य पर विशेष आयोजन किया जाएगा।
