देश के विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत अपनी सुविधाओं के लिए कर सकते है केडीबी कार्यालय में संपर्क, केडीबी कार्यालय के दूरभाष नंबर 01744-270187 पर दे सकते है सूचना
कुरुक्षेत्र 10 अक्टूबर कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को सायं 4 बजकर 27 मिनट से लेकर 6 बजकर 25 मिनट लगेगा। इस सूर्य ग्रहण पर हर बार देश के कोने-कोने से विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत शाही स्नान करने के लिए ब्रह्मसरोवर पर पहुंचते है। इन अखाड़ों के संतों के शाही स्नान के लिए प्रशासन की तरफ से तमाम व्यवस्थाओं के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते है। इस सूर्य ग्रहण पर देश के कोने-कोने से आने वाले विभिन्न अखाड़ों के साधु संत अपने आने और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की सुविधाओं के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कार्यालय के दूरभाष नंबर 01744-270187 पर पहले ही सूचना दे सकते है। इस सूचना के आधार पर प्रशासन अखाड़ों के संतों के लिए तमाम प्रबंध पूरा किया जा सकेगा।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने सोमवार को बातचीत करते हुए कहा कि प्रशासन की तरफ से कुरुक्षेत्र में 25 अक्टूबर को सायं के समय लगने वाले सूर्य ग्रहण के मेले को लेकर तैयारियां की जा रही है। इस मेले में सबसे अहम पहलू देश के विभिन्न अखाड़ों से आने वाले साधु संतों के शाही स्नान की व्यवस्था रहती है। प्रशासन का प्रयास है कि विभिन्न अखाड़ों से आने वाले साधु संतों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो और परम्परा अनुसार शाही स्नान के लिए तमाम व्यवस्था पूरी की जाए। इसके लिए प्रशासन का यह भी प्रयास रहेगा कि देश के कोने-कोने से कुरुक्षेत्र सूर्यग्रहण मेले में आने वाले अखाड़ों की जानकारी समय रहते मिल सके। इसके लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 01744-270187 की सेवाएं भी जारी की है। इस दूरभाष पर विभिन्न अखाड़ों के साधु संत अपने आने की सूचना दे सकते है ताकि इस सूचना के आधार पर प्रशासन पहले से ही शाही स्नान के लिए सही प्रबंध कर सके। अगर अखाड़ों के आने की सूचना प्रशासन को पहले ही मिल जाती है तो मौके पर शाही स्नान के लिए तमाम व्यवस्थाएं प्रशासन की तरफ से सहजता से उपलब्ध की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सूर्य ग्रहण मेले की प्रचार-प्रसार की सामग्री का वितरण करने, पब्लिक एड्रेस सिस्टम व मीडिया सेंटर, यात्रियों को लाने ले जाने के लिए अतिरिक्त बसों व रेल चलाने, मेला क्षेत्र में यात्रियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र व दवाइयों का समुचित प्रबंध, यात्रियों के लिए पीने के पानी, अस्थाई शौचालय, नगर परिषद व हुडा क्षेत्र में लाईटों, सड़को व सफाई की व्यवस्था, मेले से पूर्व व बाद में सफाई की समुचित व्यवस्था, अग्निशमन व एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्ड व स्वयं सेवकों की ड्यूटी लगाने, मेला के दौरान मोटर बोट, गोताखोर व तैराकों की व्यवस्था, यात्रियों की सुविधा के लिए रसोई गैस व खाद्य वस्तुए की व्यवस्था, रेल गाड़ियों का अस्थाई ठहराव व रेलवे स्टेशन पर पानी, लाईट व सफाई की व्यवस्था, शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाना, मेला क्षेत्र में लाइट व टेंट की व्यवस्था व वीआईपी घाट पर समुचित व्यवस्था, मेले में आए यात्रियों का बीमा करवाने के प्रबंध करने के आदेश भी अधिकारियों को दिए गए है।
