करनाल, 6 मई।    डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन ऐतिहासिक धार्मिक एवं किसी भी अन्य प्रकार की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों, अभिलेखों को लेकर सर्वे करवाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपि विरासत का संरक्षण और दस्तावेजीकरण करना है। आमजन से अपील है कि किसी के पास कोई 75 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि या अभिलेख हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके।

डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के पास पांडुलिपियां या अभिलेख हैं, वे उन्हीं के पास सुरक्षित रहेंगे। सरकार केवल उनका रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें संरक्षित रखने में सहयोग करेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके पास कोई पुरानी पांडुलिपि या अभिलेख है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें। नागरिक स्वयं भी  ‘ज्ञान भारतम्’ ऐप के माध्यम से स्वयं भी पांडुलिपियों की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करने में सक्षम नहीं है, तो वह संबंधित ग्राम सचिव, सरपंच, ग्राम सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय के माध्यम से भी जानकारी उपलब्ध करवा सकता है। ऐसा करने पर आप हमारी आने वाली पीढिय़ों को हमारी ऐतिहासिक विरासत और धरोहर को अमूल्य उपहार देकर गौरवान्वित करेंगे।

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