शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सहित अन्य संत महापुरुषों के स्वागत के लिए कमेटियों का गठन
कुरुक्षेत्र, 10 अक्तूबर : कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले चौथे हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन एवं  जगतगुरु शंकराचार्य (गोवर्धन मठ) स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के आगमन को लेकर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र सहित अन्य शहरों में भी जनसम्पर्क एवं बैठकों का दौर प्रारम्भ हो चुका है। प्राचीन दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में हुई कोर कमेटी की बैठक में जगतगुरु शंकराचार्य (गोवर्धन मठ) स्वागत समिति के संयोजक धर्मपाल एवं सह संयोजक हर्ष सिंगला ने बताया कि गीता जयंती के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के आगमन कार्यक्रमों पर चर्चा करने एवं जिम्मेवारियां निर्धारित करने के लिए यमुनानगर, रादौर, जगाधरी एवं लाड़वा में भी बैठकें की गई। इन बैठकों में वहां की कमेटियों की जिम्मेवारियां निर्धारित की गई। यमुनानगर एवं रादौर की बैठकों में नवीन सैनी,परीक्षित सिंगला,नंद लाल, विनोद कम्बोज,उदयवीर, प्रह्लाद एवं पवन इत्यादि शामिल हुए। धर्मपाल एवं हर्ष सिंगला ने बताया कि कुरुक्षेत्र में सुचना एवं जनसम्पर्क के लिए एक कैम्प कार्यालय भी स्थापित किया जा रहा है। दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में हुई कोर कमेटी की बैठक में शामिल हुए राम चंद सैनी, आशीष गुप्ता, अशोक शर्मा, सनातनी बंसी, प्रमोद कौशिक इत्यादि ने भविष्य के कार्यक्रमों के लिए सुझाव देते हुए कहा कि चौथे हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन की सफलता के लिए अन्य शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं संतों के सहयोग के लिए भी कमेटियों का गठन किया जाए। इन कमेटियों की जिम्मेवारियां निर्धारित की जाएं। कोर कमेटी ने इसी के साथ राज्य के अन्य शहरों में जनसम्पर्क एवं प्रचार को तेज करने कार्यक्रम निर्धारित किया। उल्लेखनीय है कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के कुरुक्षेत्र में तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत 29 नवम्बर को आगमन होगा। 30 नवम्बर को शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के सान्निध्य में देश के भारी संख्या में मौजूद संत महापुरुषों की मौजूदगी में विशाल चौथा हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन कुरुक्षेत्र के सैनी समाज भवन में आयोजित होगा। धर्मपाल ने बताया कि इस कार्यक्रम में पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी, आनन्द वाहिनी के सभी राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों नवगठित विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजकों की मौजूदगी भी होगी। इसी के साथ 30 नवम्बर और 1 दिसम्बर को कुरुक्षेत्र में  शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के कुरुक्षेत्र में संगोष्ठी, दीक्षा एवं दर्शन के कार्यक्रम भी होंगे। दीक्षा भारतीय परिधान में दी जाएगी।

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