करनाल, 1 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नारायणगढ (अंबाला )में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान वर्चुअली 7 बड़ी-बड़ी परियोजना का उद्घाटन व शिलान्यास करके प्रदेश की जनता को सौगात दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मिशन अमृत सरोवर द्वितीय चरण के तहत 325 अमृत सरोवरों का उद्घाटन भी किया। इनमें करनाल जिला के 22 अमृत सरोवर शामिल है। इनमें असंध विधानसभा क्षेत्र के 15, घरौंडा क्षेत्र के 3 व इंद्री क्षेत्र के 4 अमृत सरोवर शामिल है। इन सभी अमृत सरोवरों की स्थापना पर करीब 22 करोड़ 31 लाख रुपये की राशि खर्च हुई।
स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार व संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों ने सांकेतिक तौर पर जिला के 22 अमृत सरोवरों का लोकार्पण किया। इस मौके पर जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता प्रदीप धीमान, पाउंड अथ्रोर्टी हरियाणा के सदस्य तेजेद्र सिंह तेजी, सभी एसडीओज तथा गांवों के सरपंच मौजूद रहे।
बता दे कि मिशन अमृत सरोवर की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल 2022 में की गई थी, मिशन अमृत सरोवर 2.0 भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी जल संरक्षण अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल की दीर्घकालिक उपलब्धता, जलवायु लचीलापन और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है। पहले चरण में 50,000 तालाबों के लक्ष्य के मुकाबले 68,000 से अधिक अमृत सरोवरों का सफल जीर्णोद्धार करने के बाद सरकार ने इसका दूसरा चरण शुरू किया है। अमृत सरोवर 2.0 के मुख्य उद्देश्य और दिशा-निर्देश पार्क और तालाब का आकार: मैदानी इलाकों में कम से कम 1 एकड़ (लगभग 10,000 घन मीटर क्षमता) और पहाड़ी या तटीय क्षेत्रों में न्यूनतम 0.25 एकड़ (2,500 घन मीटर क्षमता) का जलाशय अनिवार्य है।
दीर्घकालिक स्थिरता दूसरे चरण का पूरा ध्यान केवल नए तालाब बनाने पर नहीं, बल्कि बनाए गए जल निकायों के रखरखाव और जल की निरंतर उपलब्धता पर है। जलवायु लचीलापन: बढ़ते सूखे और भूजल संकट से निपटने के लिए इन सरोवरों को इको-सिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) के संतुलन के अनुसार विकसित किया जा रहा है। तकनीकी मानक: सरोवरों के पानी की गुणवत्ता की जांच और मिट्टी के उचित उपयोग के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
जन भागीदारी और आजीविका यूजर ग्रुप का गठन: प्रत्येक सरोवर के रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूहों को मिलाकर विशेष उपभोक्ता समूह बनाए गए हैं। रोजगार के अवसर: ये सरोवर न केवल जल संचयन करेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़े की खेती और जल पर्यटन के माध्यम से आजीविका के नए स्रोत बनेंगे।
बॉक्स: इन गांवों के अमृत सरोवरों का हुआ उद्घाटन
मिशन अमृत सरोवर द्वितीय चरण के तहत असंध विधानसभा क्षेत्र के 15 अमृत सरोवरों का उद्घाटन हुआ। इनमें चोचड़ा, ढुपेडी, गंगाटेहडी, जयसिंहपुरा, जलमाना, पधाना, पंगाला, पोपडा,ठरी, उपलाना, चिड़ाव गांव के अमृत सरोवर शामिल है। इसी प्रकार से घरौंडा क्षेत्र के 3 अमृत सरोवरों का उद्घाटन हुआ। इनमें फरीदपुर, कोहड गांव के अमृत सरोवर शामिल है तथा इंद्री क्षेत्र के 4 अमृत सरोवरों का उद्घाटन हुआ। इनमें भादसों, गांधीनगर, हैबतपुर गांव के अमृत सरोवर शामिल है। इन सभी अमृत सरोवरों की स्थापना पर करीब 22 करोड़ 31 लाख रुपये की राशि खर्च हुई।
