कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने सभी समाजसेवियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराना उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अन्य नागरिकों एवं सामाजिक संस्थाओं से भी टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों को गोद लेकर इस जनहित अभियान में अपना सहयोग देने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी समाजसेवियों ने अगले माह 150 टीबी मरीजों को गोद लेने का विश्वास दिलाया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए आगे भी निरंतर सहयोग देने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोडऩे का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सिम्मी कपूर ने कहा कि टीबी एक पूर्णत: उपचार योग्य बीमारी है तथा इसकी जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर पूर्णत: नि:शुल्क उपलब्ध है। उन्होंने सभी सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों तथा आम नागरिकों से अपील की कि वे आगे आकर टीबी मरीजों को गोद लेने एवं उन्हें पोषण सहायता उपलब्ध कराने में अपना योगदान दें, ताकि ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सके।
उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी के मार्गदर्शन में निरंतर प्रयासों से इससे पूर्व भी जिले के अनेक टीबी मरीजों को विभिन्न समाजसेवियों एवं संस्थाओं के सहयोग से गोद लिया जा चुका है तथा उन्हें नियमित पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से यह अभियान और अधिक सशक्त होगा तथा करनाल जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।
