करनाल, 18 जून। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने वीरवार को 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक बेहद महत्वपूर्ण और गरिमामय कार्यक्रम है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉक्टर सतपाल ने बताया कि 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे तीन दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीरवार को समापन हो गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 102 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि योग युक्त नशा मुक्त हरियाणा की थीम पर 16 जून से 18 जून तक तीन दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन योग शेड, फव्वारा पार्क, सेक्टर 12 में किया गया था। आज आयोजित योग प्रोटोकॉल में जिला के सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा आमजन सहित कुल सौ से अधिक प्रतिभागियों ने योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ नितिन रोहिला ने बताया कि आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला के वार्ड नंबर 11 से पार्षद संजीव मेहता, वार्ड नंबर 2 से पार्षद बेबी पाल, तथा वार्ड नंबर 1 से पार्षद सुदेश रानी रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रतिदिन योगाभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
योग विशेषज्ञ एवं हरियाणा योग आयोग के नोडल अधिकारी डॉ अमित पुंज ने शिविर के अन्तिम दिन प्रार्थना मंत्र के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। तत्पश्चात विभिन्न आसन, प्राणायाम एवं ध्यान आदि का अभ्यास करवाया गया। इस अवसर पर मेरा मिशन स्वस्थ भारत के निदेशक तथा संस्थापक दिनेश गुलाटी एवं उनकी टीम द्वारा प्रतिभागियों को योग जॉगिंग सूर्य नमस्कार इत्यादि विशेष अभ्यास करवाए गए एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के अन्तिम दिन के मुख्य अतिथि जिला के वार्ड नंबर 11 से पार्षद संजीव मेहता रहे , मुख्य अतिथि का स्वागत जिला करनाल के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ नितिन रोहिल्ला ने पौधा अर्पण करके किया एवं सभी को हरित योग अभियान को सफल बनाने के लिए एक पौधा मां के नाम लगाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि प्रमाण (सत्य ज्ञान)किसी वस्तु का बिल्कुल वैसा ही वास्तविक ज्ञान होना जैसी वह है। विपर्यय किसी स्थिति या वस्तु को गलत समझ लेना यानी भ्रम या अज्ञान, विकल्प केवल शब्दों के आधार पर मन में बनने वाली काल्पनिक धारणा, जिसका वास्तविकता में अस्तित्व न हो, निद्रा शून्यता या विचारों के अभाव का अनुभव कराने वाली मानसिक अवस्था, स्मृति भूतकाल के अनुभवों, दृश्यों या बातों का मन में दोबारा लौट आना , प्रत्येक वृत्ति के दो रूप होते है प्रथम क्लिष्ट – व्यक्ति की दुख की ओर ले जाती है, द्वितीय क्लिष्ट -जो व्यक्ति को आनंद की ओर ले कर जाती है। नियमित योग साधना के द्वारा साधक इन वृत्तियों को अंकलिष्ट रूप में परिवर्तित कर स्वयं के लिए तथा जग कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने बताया कि आज जिला के सभी ब्लॉकों में 47 स्थानों पर योग शिविर आयोजित किए गए। जिसमें 1622 लोगों ने किया योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया तथा हरित योग अभियान के तहत जिला में आज 403 पौधों का किया गया रोपण व वितरण किए गए।
आयुष विभाग करनाल के ब्लॉक इंचार्ज एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ नितिन रोहिला ने बताया कि 19 जून को आयुष विभाग द्वारा 2 विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएगे। जिनमें से प्रथम कार्यक्रम नई अनाज मंडी में पायलट रिहर्सल का आयोजन किया जाएगा जिनमें से खेल एवं शिक्षा विभाग से लगभग 2500 प्रतिभागी भाग लेंगे। इसी प्रकार से द्वितीय कार्यक्रम कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में योग सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कल्पना चावला के समस्त अधिकारी,कर्मचारी, विद्यार्थी तथा जिला में सक्रिय रूप से कार्य कर रही योग संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं सदस्य भाग लेंगे।
