पंचकूला। हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन (एचओए) का लंबित भुगतान जारी कराने और विजिलेंस की कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर करीब 3.50 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच-19 ने आरोपित जेई रोहित सैनी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि ठगी से जुड़ी रकम का एक हिस्सा जेई रोहित सैनी के बैंक खाते में भी ट्रांसफर हुआ था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
अब उसके बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपितों से संपर्कों की पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो सके। मामले का मुख्य आरोपित मोहित सैनी अभी फरार है।
पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इससे पहले इस मामले में दीपांशु नामक आरोपित को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें कई लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
यह मामला दिल्ली निवासी शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शिव प्रकाश सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, मोहित सैनी ने स्वयं को खेल विभाग का ऑब्जर्वर बताकर विश्वास हासिल किया और हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का लंबित भुगतान जारी कराने के साथ-साथ विजिलेंस जांच से बचाने का भरोसा दिलाया। इसी बहाने अलग-अलग चरणों में करीब 3.50 करोड़ रुपये की रकम ले ली।
