चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अभी तक 95.09 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 32.66 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी पूरा किया जा चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने इंटरनेट मीडिया पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने संबंधी खबर को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना व किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने से रोकना है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्तमान मतदाता को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उनका नाम केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही जैसे डुप्लीकेट अथवा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित अथवा पता न चलने वाले मतदाता तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में बीएलओ स्थानीय जांच व निर्धारित प्रक्रिया और रिकार्ड के आधार पर ही कार्रवाई करेगा।
