पानीपत। गांव सिवाह के बिरफला जोहड़ में मंगलवार शाम हुआ हादसा कुछ ही मिनटों में दो परिवारों की खुशियां छीन ले गया। खेलते-खेलते शुरू हुई एक सामान्य सी घटना देखते ही देखते ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
15 वर्षीय समीर की चप्पल जोहड़ में गिर गई। वह उसे निकालने के लिए पानी में उतरा, लेकिन गहराई में जाने के कारण डूबने लगा। अपने दोस्त को पानी में संघर्ष करता देख अनीश उर्फ कल्लू ने बिना कुछ सोचे उसे बचाने के लिए छलांग लगा दी। दुर्भाग्य से दोनों किशोर बाहर नहीं निकल सके और जोहड़ की गहराई में समा गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय उनके साथ एक छोटा बच्चा भी मौजूद था। उसने दोनों दोस्तों को डूबते देखा तो घबराकर जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों किशोर पानी में डूब चुके थे। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों को बुलाया गया।
सवा घंटे तक लगातार सर्च अभियान चला
गांव के लोगों और गोताखोरों ने करीब सवा घंटे तक लगातार सर्च अभियान चलाया। हर गुजरते मिनट के साथ परिजनों की उम्मीदें कमजोर पड़ती गईं। आखिरकार दोनों किशोरों के शव जोहड़ से बाहर निकाले गए। जैसे ही शव बाहर आए, मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पूरे गांव में मातम छा गया और हर आंख नम दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों किशोरों को तैरना नहीं आता था। यदि समीर को बचाने की कोशिश में अनीश पानी में नहीं कूदता तो शायद उसकी जान बच सकती थी, लेकिन दोस्ती निभाने की उसकी कोशिश दोनों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने के लिए बिना तैयारी या तैराकी जाने सीधे पानी में उतरना कितना खतरनाक हो सकता है।
दो परिवारों का उजड़ गया सहारा
इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरा सदमा दिया है। 16 वर्षीय कल्लू अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी एक बड़ी बहन है। वहीं समीर पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर था। दोनों घरों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
जोहड़ में पहले भी हो चुकी डूबने के कारण घटना
ग्रामीणों ने बताया कि बिरफला जोहड़ में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े, इसके लिए जोहड़ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। पुलिस ने दोनों शवों सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है।
