करनाल, 19 जून। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से शुरू किए गए एसआईआर 2026 अभियान की गंभीरता को समझें, किसी भी बीएलओ की एसआईआर के कार्य में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वाले बीएलओ के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अधिनियम के तहत निलंबित करने व एफआईआर दर्ज करवाने का प्रावधान है।

डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा शुक्रवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में सुपरवाइजरों व ईआरओ के साथ एसआईआर के कार्य की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग व हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग एसआईआर 2026 के तहत मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को लेकर कड़ी नजर रखे हुए हैं और हर सप्ताह वीसी के माध्यम से समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जिला में करनाल व नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के कार्य 60 प्रतिशत से अधिक होने पर, इस कार्य में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों की प्रशंसा की और कहा कि अन्य विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ भी घर-घर जाकर फार्म वितरण करने व मतदाता से फाम भरवाने तथा अपलोड करवाने के कार्य को 21 जून तक हर संभव पूरा करें। इस कार्य में संबंधित सुपरवाइजर बीएलओज का सहयोग करें। उन्होंने ईआरओज को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की फील्ड में उतरे और एसआईआर के कार्य का औचक निरीक्षण करें तथा अपने बीएलओज को निर्धारित समय अवधि में कार्य पूरा करने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और पारदर्शिता के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जाएगा, केवल अपात्र व्यक्ति का नाम नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाते हुए मतदाता सूची से हटाया जाएगा। इसके अलावा 1 जुलाई 2026 को क्वालिफाइंग तिथि मानकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवा भी अपनी वोट बनवा सकेंगे और मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की क्वालिफाइंग तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कार्यक्रम के अनुसार 5 से 14 जून तक बीएलओ का प्रशिक्षण एवं सामग्री वितरण किया गया। 21 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन होगा तथा 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। जिनका निपटारा संबंधित ईआरओ द्वारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट होने पर मतदाता जिला निर्वाचन अधिकारी को दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकता है। इस निर्णय के विरूद्ध भी राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आपत्ति दर्ज करवा सकते है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

वोट काटना नहीं, शुद्धिकरण है एसआईआर का उद्देश्य,अफवाहों पर न दें ध्यान
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि इस अभियान के तहत किसी भी वैध मतदाता की वोट को काटा नहीं जा रहा है, बल्कि यह केवल शुद्धिकरण की प्रक्रिया है ताकि डुप्लीकेट वोटों को हटाया जा सके और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें। यदि किसी को प्रक्रिया से कोई शिकायत होती है, तो वे तय समयानुसार प्रथम अपील और उसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। उन्होंने करनाल की जनता से अपील की कि वे इस लोकतांत्रिक अभियान में बढ़-चढ?र भाग लें, अपने वोट की जांच करें और जिन पात्र नागरिकों ने अब तक अपना वोटर आईडी कार्ड नहीं बनवाया है, वे तुरंत अपने बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर अपनी वोट अवश्य बनवाएं।

इस मौके पर एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी, एसडीएम नीलोखेड़ी अशोक कुमार, एसडीएम असंध सुमित सिहाग, डीईओ रोहताश वर्मा, चुनाव तहसीलदार सुदेश राणा मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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