कुरुक्षेत्र, 26 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित एनईपी अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम के छठे दिन उच्च शिक्षा की सामाजिक भूमिका तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत समग्र एवं बहु-विषयक शिक्षा पर केंद्रित विभिन्न शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए।
सामाजिक कार्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. वनिता ढींगरा ने “उच्च शिक्षा और समाज” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और समावेशिता की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। दूसरे सत्र में एचएनबी गढ़वाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कानून विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने “समग्र और बहु-विषयक शिक्षा” विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने वाली शिक्षा प्रणाली पर बल देती है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। अंत में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की निदेशक प्रो. प्रीति जैन तथा पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजू बाला ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
