Category: National

सादगी भरी शादियाँ: अमीर लोगों को समाज के लिए उदाहरण क्यों बनना चाहिए

(अमीरों की सादगी से बदलेगी शादी की सोच) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक आयोजन भी माना जाता है।…

एक परीक्षा से बड़ी ज़िंदगी : यू.पी.एस.सी. के इर्द-गिर्द बनती मानसिकता पर सवाल

(सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं है यू.पी.एस.सी., यू.पी.एस.सी. से आगे भी है सफलता की दुनिया) – डॉ. सत्यवान सौरभ हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) के परिणाम घोषित…

यूपीएससी सफलता और बनाई हुई कहानियाँ

(संघर्ष की कहानी या लोकप्रियता का कथानक?) कई अभ्यर्थी वास्तव में गाँवों या साधारण परिवारों से आते हैं और अपनी कहानी इसलिए साझा करते हैं ताकि दूसरे युवाओं को प्रेरणा…

महंगाई का झटका: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपये महंगा, दिल्ली में कीमत 913 रुपये

7 मार्च की सुबह देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में अचानक 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई…

महिलाओं के लिए रोल माॅडल और प्रेरणा-स्रोत हैं विश्व बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. एस. अनुकृति

(8 मार्च — अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष)   (अपनी शिक्षा के दौरान भारत सरकार का नेशनल अवार्ड, अमेरिका की जीई फंड स्कॉलरशिप, विकरी और हैरिस अवार्ड तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय की…

होली, बदलता समाज और मर्यादा की नई परिभाषाएँ

– डॉ. सत्यवान सौरभ होली केवल एक त्योहार नहीं, भारतीय समाज की सामूहिक चेतना का उत्सव है। यह रंगों का, उल्लास का, मन की गांठें खोलने का और रिश्तों में…

दुनियाभर की साजिशों का शिकार एशिया

– डॉ. सत्यवान सौरभ एशिया का भू-राजनीतिक परिदृश्य सदियों से संघर्ष, हस्तक्षेप और साजिशों से घिरा रहा है। यह महाद्वीप न केवल जनसंख्या और संस्कृति का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक…

रंग जो दिलों तक उतर जाएँ……होली दिलों को जोड़ने और दूरी को मिटाने का सबसे रंगीन मौका

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों…

समाज, संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण ही संघ के कार्य का मूल आधार : डा. मोहनराव भागवत

सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद् गीता सभागार में शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ किया संवाद कुरुक्षेत्र, 28 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक…

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की चर्चा: सत्य का आईना या संस्था की गरिमा पर प्रहार?

– डॉ. प्रियंका सौरभ न्यायपालिका भारत के लोकतंत्र का संरक्षक स्तंभ है, जो संविधान की रक्षा करता है और नागरिकों को न्याय का आश्वासन देता है। लेकिन हाल ही में…