Category: National

बोतलबंद पानी का भारत

: सार्वजनिक जल प्रशासन की गहरी विफलता (भारत में पानी की प्यास केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि नीतिगत भी है।) – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में बोतलबंद पानी पर बढ़ती निर्भरता…

चैत्र चौदस मेले को लेकर सभी तैयारियां समय रहते पूरी करें अधिकारी:अनिल कुमार दून

मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर रखा जाए पूरा फोकस, पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर 16 से 19 मार्च 2026 तक आयोजित होगा चैत्र चौदस मेला,चैत्र चौदस मेले का मुख्य स्नान…

रंग जो दिलों तक उतर जाएँ (होली दिलों को जोड़ने और दूरी को मिटाने का सबसे रंगीन मौका)

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों…

विदेश भेजने की होड़ और बदलती मानसिकता

( क्या सचमुच भारत में अवसर कम हैं या हम एक भ्रम में जी रहे हैं?) – डॉ. प्रियंका सौरभ पिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज में एक नई प्रवृत्ति…

विधायकों के टेलीफोन भत्ते: फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?) -डॉ. सत्यवान सौरभ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा…

व्हाट्सएप पर ‘Mera Accident Video.apk’ के नाम से चल रहे है स्कैम से सावधान, थोड़ी सी लापरवाही से खाली हो सकता है बैंक खाता

पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने आमजन/नागरिकों को साइबर फ्रॉड के मामलों को लेकर सतर्क करते हुए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में ऐसे अनेक प्रकरण…

*कुरुक्षेत्र की धरती से SKM ने किया ट्रेड डील के विरोध का ऐलान, देशभर में करेंगे महापंचायतें*

*9 मार्च को दिल्ली में किसान मजदूर लगाएंगे सदन* *10 मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक देश भर में किए जाएंगे महापंचायत* *राकेश टिकट एप्सटीन फाइल पर दी प्रतिक्रिया, बोले-…

दौलत की फाइलें, भरोसे के सवाल

(अधिकारियों की संपत्ति के खुलासे ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ी) – डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा के आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक होने के बाद एक…

आकर्षक विज्ञापन, चमकदार पैकेजिंग और भ्रामक दावे

(बदलते पोषण परिदृश्य में सूचित विकल्प का अधिकार) – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत का पोषण परिदृश्य तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। लंबे समय तक सार्वजनिक नीति का…

शादी की बदलती तस्वीर: दिखावे, अहंकार और टूटते रिश्ते

– डॉ० प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रही है, बल्कि इसे हमेशा से परिवार, समाज और संस्कारों से जुड़ी एक पवित्र संस्था माना…