करनाल, 10 जुलाई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) तेज गति से चल रहा है। एसआईआर का उद्देश्य किसी की वोट काटना नहीं अपितु यह गहन पुनरीक्षण कार्य मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए है। इससे जुड़े सभी कार्य चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरे कर लिए जाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए सभी राजनीतिक दल प्रशासन के साथ समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि एसआईआर की क्वालिफाइंग तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके तहत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन व एनुमरेशन कलेक्शन का कार्य किया जा रहा है जोकि 14 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन 14 जुलाई तथा ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 21 जुलाई को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 21 जुलाई से 20 अगस्त तक रहेगी, जबकि दावे और आपत्तियों का निपटान 21 जुलाई से 18 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर, 2026 को होगा।
उपायुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीएलए घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का सहयोग करें तथा अनुपस्थित, दोहरी वोट तथा मृत मतदाताओं की सही जानकारी उपलब्ध करवाने में सहयोग करें। राजनैतिक दल व आमजन किसी भी प्रकार की समस्या अथवा जानकारी के लिए मतदाता टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। यह नंबर प्रातः 7 से रात्रि 9 बजे तक कार्यशील है।
बॉक्स: एसआईआर के लिए निर्धारित दस्तावेज
उपायुक्त ने बताया कि आयोग द्वारा स्वयं, पिता और माता के लिए जमा किए जाने वाले अलग-अलग स्व-प्रमाणित दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं जो इस प्रकार हैं-किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश, 01.07.987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय अधिकारियों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी
