एंकर :: हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने शुक्रवार को रेवाड़ी जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की। सर्वप्रथम उन्होंने अपने गृह क्षेत्र के गाँव रामपुरा से तीस आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद जांगिड़ धर्मशाला में जांगिड़ महासभा के कार्यक्रम में भाग लिया इसके अलावा गांव गुड़ियानी में चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का शिलान्यास कर कोसली बार रुम में अधिकवक्ताओं की समस्याएं सुन उनका समाधान कराया। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने रेवाड़ी और आसपास के इलाकों के लिए तीस आधुनिक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने विवादों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन करने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि गैर-जिम्मेदार ड्राइवरों के खिलाफ शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए रेवाड़ी के बावल में 30 जून को सीएम के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि प्रोटोकाल के सवाल पर कहा कि प्रोटोकॉल के अपने मायने होता हैं। प्रोटोकाल नहीं तो कुछ नहीं। यह पहले भी था और आज भी है। एंबुलेंस ड्राइवरों की मांग पर उन्होंने कहा कि ड्राइवरों की बहुत शिकायतें हैं। हम ड्राइवरों की शिकायतों पर गए तो बहुत से घर बैठ जाएंगे। आप लोग अच्छे से अपना काम करें। उन्होंने आधुनिक एंबुलेंस को हरीझंडी दिखाने के बाद यह बात कही। प्रोटोकाल कांट्रवेर्सी और बनाने की कोशिश न करे। प्रोटोकाल प्रोटोकाल होता है। ये पहले से चलता आ रहा है ये अभी भी चलता रहेगा। प्रोटोकाल का मायना होता है। प्रोटोकाल नहीं तो फिर कोई फायदा नहीं। ये जवाबदेही उनसे होनी चाहिए, प्रोटोकाल क्यों नहीं रखा गया। उनसे जवाबदेही होनी चाहिए। एडमिशस्ट्रेशन की बात करूं तो प्रोटोकॉल होता है। काम भी जरूरी है और हेल्थ में विशेषकर। प्रदेश में बहुत सारी कंप्लेटस आज रही हैं। अगर कंप्लेंटस पर गए तो बहुत से ड्राइवर घर बैठ जाएंगे। काम करके दिखाओ पहले, वापस आ जाएंगे। ये इतनी एंबुलेंस हैं, चलानी भी तो हैं। नहीं इंटर डिस्ट्रिक हैं। ऐसा मत कहो। इस मौके पर उन्होंने मानसून के सीजन में जलभराव की समस्या से निपटने के सवालों का भी जवाब दिया
