करनाल 19 जून। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा पिछले 12 वर्षों में आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। सरकार की कल्याणकारी नीतियों और आधुनिक तकनीक (डिजिटलाइजेशन) के समन्वय से न केवल राशन वितरण प्रणाली पारदर्शी हुई है, बल्कि किसानों और महिलाओं को भी सीधा लाभ पहुँचा है।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और कल्याणकारी नीतियों का विवरण
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और डिजिटल राशन प्रणाली-राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए)के तहत जिला के लाखों परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। करनाल जिला में अन्त्योदय अन्न योजना के तहत 17,198 राशन कार्ड हैं, जिससे 45,250 लाभार्थी जुड़े हैं। इन्हें प्रति राशन कार्ड 35 किलोग्राम गेहूँ मुफ्त दिया जाता है। राज्य बीपीएल इसके तहत 2,37,691 राशन कार्ड पंजीकृत हैं, जिससे 9,32,399 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। इन्हें प्रति राशन कार्ड 5 किलोग्राम गेहूँ मुफ्त दिया जाता है। अन्य राशन सामग्री दोनों श्रेणियों के कार्डधारकों को 13.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1 किलोग्राम चीनी और 100 रुपये में 2 लीटर सरसों का तेल दिया जाता है (यदि लाभार्थी 1 लीटर तेल लेना चाहे तो 30 रुपये प्रति लीटर की दर से, स्वेच्छानुसार 1 या 2 लीटर तेल ले सकता है)।
जन वितरण प्रणाली में तकनीकी सुधार और राशन डिपो पर मशीनों के माध्यम से आधार आधारित राशन वितरण किया जा रहा है। इससे फर्जी राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें समाप्त किया गया है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और वास्तविक लाभार्थियों तक राशन पहुँच रहा है। राशन कार्ड प्रबंधन को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। राशन के आवंटन से लेकर वितरण तक की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है, जिससे रिकॉर्ड रखना और रिपोर्टिंग बेहद आसान हो गई है।
वन नेशन वन राशन कार्ड इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को सबसे बड़ा सहारा मिला है। अब कोई भी लाभार्थी देश के या राज्य के किसी भी अन्य जिले/राज्य में जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकता है। आधार सीडिंग और सत्यापन लाभार्थियों के आधार कार्ड को लिंक करके डुप्लीकेट और फर्जी लाभार्थियों को हटाया गया है, जिससे सरकारी खर्च में कमी आई है और पात्र परिवारों को उनका हक मिल रहा है। संकटकालीन राशन टोकन कोरोना महामारी के संकट के समय बिना राशन कार्ड वाले जरूरतमंद व्यक्तियों को अस्थायी टोकन जारी कर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी।
महिला सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं हर घर-हर गृहिणी योजना धुआं मुक्त रसोई और महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रसोई गैस योजनाओं को जिला करनाल में सफलतापूर्वक लागू किया गया है:प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना विभिन्न चरणों के तहत करनाल जिले में गैस एजेंसियों द्वारा अब तक कुल 76,999 गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। प्रथम चरण 49,076 कनेक्शन 23,367 कनेक्शन विस्तारित 4,556 कनेक्शन लाभ इन महिला लाभार्थियों को पहला एलपीजी रिफिल और गैस चूल्हा (हॉट प्लेट) पूरी तरह से मुफ्त दिया गया। साथ ही, हर 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी भी दी जा रही है। हर घर-हर गृहिणी योजना इस योजना के तहत करनाल जिले में अब तक 1,11,663 लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिसके अंतर्गत उन्हें मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसानों की समृद्धि खरीफ और रबी सीजन में रिकॉर्ड खरीद किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की पारदर्शी खरीद सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 तक के आँकड़े सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं
सीजन फसल कुल खरीद लाभान्वित किसान मुख्य विशेषताएं खरीफ सीजन धान 90 लाख मीट्रिक टन 18,86,088 पर खरीद और तय समय सीमा के भीतर किसानों के खातों में सीधी अदायगी। रबी सीजन गेहूँ 48 लाख मीट्रिक टन 5,97,996पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ। निष्कर्ष
पिछले 12 वर्षों का यह लेखा-जोखा स्पष्ट करता है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, करनाल ने न केवल समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक राशन पहुँचाया है, बल्कि तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाई है। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को सम्मान मिला है और पर समयबद्ध फसल खरीद ने करनाल के किसानों को समृद्ध बनाया है। यह नीतियां जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में पूरी तरह सफल सिद्ध हुई हैं।
