संजय गाँधी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल धनोरा-लाडवा में ब्रह्माकुमारीज सुखधाम लाडवा के तत्वाधान में प्रख्यात माउंट आबू वाली बी के उर्मिला दीदी जी द्वारा छात्रों को आध्यात्मिकता और आधुनिकता विषय पर दिव्य एवं आध्यात्मिक व्याख्यान दिया गया । परम आदरणीय बी के उर्मिला दीदी, बी के ज्योति दीदी, बी के भूमिका दीदी, बी के मुकेश शर्मा, बी के निर्मल नीरज जी का विद्यालय प्रांगण में विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान पवन गर्ग, रेखा गर्ग, प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा, अध्यापक-गण एवं विद्यार्थियों द्वारा परम्परागत स्वागत किया गया । प्रधान पवन गर्ग ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को भटकने से बचाना एवं उनमें उच्च संस्कार एवं मूल्यों को स्थापित करना आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है । ऐसे में बी के उर्मिला दीदी जी का दिव्य व्याख्यान इस चुनौती का सामना करने में निश्चित तौर पर सहायक रहेगा । उन्होंने बी के उर्मिला दीदी का विद्यालय में आने एवं व्याख्यान देने के लिए आभार व्यक्त किया। ब्रह्मकुमारी उर्मिला दीदी ने अपनी ओजस्वी वाणी में कहा कि मनुष्य का जीवन आध्यात्मिकता और आधुनिकता रूपी दो पैरों पर चलता है । आज के समय में इन दोनों के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाला व्यक्ति ही सुखी जीवन जी सकता है । उन्होंने कहा कि सादा जीवन, सादा एवं संतुलित भोजन, शुद्ध एवं उच्च विचार मानव जीवन को उन्नति की और ले जाता है । अतः विद्यार्थियों को अपने खाने पीने की आदतों पर नियंत्रण करना, लोभ-लालच, ईर्ष्या, क्रोध एवं आलस्य जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए । तभी वे अपने निश्चित सफलता रूपी मंजिल को प्राप्त कर पाएंगे । प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में आत्मनिर्भरता, कौशल एवं दिव्य गुण धारण कर संतुलन स्थापित करें एवं अपने मन से सभी प्रकार कि बुराइयों से दूर रहने का संकल्प करें । उन्होंने कहा कि एक शिक्षित व्यक्ति का जीवन व्यर्थ हो जाता है यदि वह जीवन कौशल एवं जीवन मूल्यों से रहित है । ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे जीवन में सम्मान प्राप्त करना चाहते है तो अपनी वाणी को मधुर कीजिए एवं अपनी भाषा को शुद्ध कीजिये । उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा बीज बोता है वैसा ही फल काटता है । प्रेम एवं आदर से व्यव्हार करने वाले को ही प्रेम एवं आदर प्राप्त होता है । उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हुए कहा कि वे अपने जीवन में अनुशासन एवं व्यवस्था का पालन कर सफलता प्राप्त कर सकते है । किसी भी प्रकार के तनाव से मुक्ति प्राप्त करने, पढाई में अपना ध्यान केंद्रित करने, मानसिक दृढ़ता के लिए मेहनत करने के अतिरिक्त ईश्वर भक्ति द्वारा अपने ध्येय को हासिल कर सकते है । विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने बी के उर्मिला दीदी, बी के ज्योति दीदी, बी के भूमिका दीदी, बी के मुकेश शर्मा, बी के निर्मल नीरज एवं विद्यालय के प्रधान पवन गर्ग के प्रति अपना आभार व्यक्त किया एवं दिव्य व्याख्यान के आयोजन के लिए धन्यवाद किया । उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में व्याख्यान में कहे गए अमूल्य विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया । बी के उर्मिला दीदी ने विद्यालय के प्रधान पवन गर्ग को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने बी के उर्मिला दीदी एवं बी के ज्योति दीदी को तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया ।
मनुष्य का जीवन आध्यात्मिकता और आधुनिकता रूपी दो पैरों पर चलता है -बी के उर्मिला दीदी जी
