चंडीगढ़। पंचकूला स्थित शिक्षा सदन मंगलवार को गर्व, उत्साह और भावनाओं से भर उठा, जब राजकीय विद्यालयों के होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। दसवीं और बारहवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 22 मेधावी छात्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया तो पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर गया।
मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि मार्कशीट केवल अंकों का कागज नहीं होती, उसमें विद्यार्थियों की मेहनत, माता-पिता के त्याग और शिक्षकों की तपस्या छिपी होती है।
भावुक अंदाज में कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता अकेले उसकी नहीं होती। उसके पीछे माता-पिता की अनगिनत चिंताएं, जागी हुई रातें और शिक्षकों का समर्पण जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन सिर्फ विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि हर उस अभिभावक और गुरु के लिए गर्व का दिन है जिन्होंने बच्चों के सपनों को अपना सपना बनाया।
