कुरुक्षेत्र।
गाँव रत्नडेरा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आज प्रातःकालीन सभा (Morning Assembly) के दौरान ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा विशेष जल संरक्षण और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बीके रीना बहन ने बच्चों को नशे के बारे में समझाते हुए बताया कि व्यसन केवल बीड़ी, शराब या सिगरेट का ही नहीं होता, बल्कि कोई भी ऐसी आदत जो हमारे मन को कमजोर बना देती है, वह भी व्यसन ही कहलाती है।
उन्होंने बच्चों से कहा कि आज अगर हमारा मन कमजोर होगा, तो कल हम गलत संगति और गलत आदतों में आसानी से फंस सकते हैं। मन की कमजोरी ही आगे चलकर बीड़ी, शराब, सिगरेट जैसे नशों की शुरुआत बन जाती है। इसलिए जरूरी है कि हम अभी से अपनी छोटी-छोटी गलत आदतों को पहचानें और उन्हें छोड़ें।
बीके रीना बहन ने बच्चों को समझाया कि हमें अपने मन और तन दोनों को स्वस्थ और शक्तिशाली बनाना है, ताकि जब कभी जीवन में नशे जैसी कोई चीज सामने आए तो हम दृढ़ता से “ना” कह सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हम केवल खुद ही नशे से दूर न रहें, बल्कि अपने आसपास परिवार, पड़ोस या गांव में जो भी लोग नशा करते हैं, उन्हें भी प्यार से समझाकर नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने बच्चों को यह संदेश दिया कि एक जागरूक बच्चा अपने पूरे परिवार और समाज में बदलाव ला सकता है।
इसके साथ-साथ जल संरक्षण के महत्व पर भी उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया और बताया कि पृथ्वी पर हमारे पीने योग्य जल केवल एक प्रतिशत है इसलिए हमें पानी को व्यर्थ बहने से रोकना चाहिए और जल का सही उपयोग करना चाहिए।
इसके पश्चात बीके सीमा बहन ने विद्यालय में उपस्थित सभी बच्चों को नशामुक्त भारत बनाने तथा जल संरक्षण करने की प्रतिज्ञा कराई।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों द्वारा एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ नशामुक्ति और जल संरक्षण का संदेश देते हुए “जल ही जीवन है”, “जल है तो कल है”, “नशा छोड़ो यह बोतल तोड़ो” जैसे अनेक प्रेरणादायक नारे लगाए।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य उषा किरण तथा शिक्षक मिंटो भारद्वाज, पूनम, रेखा, अमित एवं कर्मवीर सहित अन्य उपस्थित रहे।
