कुरुक्षेत्र 5 अगस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीकिता भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता व सुलह परियोजना समिति के निर्देशानुसार कुरुक्षेत्र जिले में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने के लिए मेडिएशन फॉर द नेशन अभियान की आधिकारिक शुरुआत कर दी गई है। इस राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए जिले की अदालतों में युद्धस्तर पर रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
सीजेएम नीकिता भारद्वाज ने कहा कि यह विशेष अभियान कुल दो महत्वपूर्ण चरणों में चलाया जा रहा है। प्रारंभिक चरण (1 अगस्त से 30 सितंबर 2026) इस अवधि में अदालतों में लंबित ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है, जिनमें दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की संभावना है। चिन्हित मामलों के पक्षकारों को प्री-मेडिएशन काउंसलिंग के लिए नोटिस भेजे जाएंगे। मुख्य निपटारा चरण (1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026) इस 90 दिवसीय मुख्य अभियान के दौरान मध्यस्थता केंद्रों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर अनुभवी मध्यस्थों की देखरेख में केसों का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में मुख्य रूप से वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस (धारा 138), मोटर दुर्घटना दावा, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, दीवानी व संपत्ति के बंटवारे जैसे सभी वाणिज्यिक व व्यापारिक विवाद फौजदारी और दीवानी मामलों को शामिल किया गया है। मध्यस्थता के माध्यम से होने वाले फैसलों में किसी भी पक्ष की हार नहीं होती, यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क और गोपनीय होती है। इसमें समय और कोर्ट फीस की बचत होती है और समाज में आपसी भाईचारा बना रहता है। कुरुक्षेत्र के नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने लंबित मामलों को इस अभियान के माध्यम से सुलझाकर मानसिक व आर्थिक राहत प्राप्त करें।
