करनाल 13 जुलाई, महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ शहर के निर्माण में रैग पिकर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक उत्थान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महापौर सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की नमस्ते योजना के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2026-27 के तहत नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि अपने विचार रख रहीं थी। इस दौरान उन्होंने और नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने 85 रैग पिकर्स को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) वितरित की।
महापौर ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में रैग पिकर्स को यह विशेष सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस किट में जूते, रेनकोट, मास्क, ग्लव्स, हेलमेट, बैग, जैकेट तथा एपरन (पीपीई किट) शामिल हैं, जिससे वे सुरक्षित वातावरण में अपने कार्य का निर्वहन कर सकें।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रेरक मार्गदर्शन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। रैग पिकर्स को सम्मान, सुरक्षा और नई पहचान दिलाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने रैग पिकर्स से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाएं, ताकि वे देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नगर निगम करनाल उनके हितों की रक्षा और कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहेगा तथा केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों के सहयोग से उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने कहा कि रैग पिकर्स की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील की कि वे उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करें तथा स्वच्छ और सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाकर स्वच्छ सर्वेक्षण 2026-27 को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा नमस्ते योजना का शुभारंभ जुलाई 2023 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा आवास एंव शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से किया गया था। इस योजना का क्रियान्वयन राष्टï्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य कचरा बीनने वालों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करना, यांत्रिक स्वच्छता को बढ़ावा देना तथा उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩा है।
उन्होंने बताया कि रैग पिकर्स को आई.डी. कार्ड, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोडऩा, बैंकिंग एवं अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, एन.एस.के.एफ.डी.सी. के माध्यम से रियायती ऋण सुविधा तथा स्वयं सहायता समूह का गठन जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इन प्रयासों से उनकी आजीविका, कार्य स्थल सुरक्षा, सामाजिक सम्मान एवं मुख्यधारा में सहभागिता को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इस अवसर पर अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा सहित सफाई शाखा के कर्मचारी उपस्थित रहे।
