कुरुक्षेत्र, 10 जुलाई। थानेसर के विधायक एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा है कि मानसून की पहली बरसात ने प्रशासन के जन निकासी के दावों की पोल खोल दी है। पहली बरसात में ही नगर में दुकानों व घरों में पानी घुस गया है। सड़कों ने जोहड़ का रूप ले लिया है। अशोक अरोड़ा ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा मानसून का सीजन शुरु होने पर नालों की खुदाई शुरु की गई, जबकि यह काफी पहले की जानी चाहिए थी। उन्होने कहा कि नालों की सफाई के नाम पर लीपा-पोती की जा रही है। उनके प्रयासों से पिछले वर्ष 11 वर्ष के बाद नालों की सफाई हुई थी। पिछली सरकारों में मानसून से पहले फ्लड़ कंट्रोल बोर्ड की बैठक होती थी, हर जिले से बाढ रोकने के लिए योजना मांगी जाती थी, लेकिन अब तो लगता है कि योजना बनाने की बजाये पूरा पैसा ही हड़प लिया जाता है। अरोड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए जनता की खून पसीने की कमाई को लुटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद ने एक ही एजेंसी को 15.11 करोड़ के 27 ठेके दिए हुए हैं। विधानसभा की आश्वासन समिति को नगर परिषद द्वारा दी गई सूचना के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व दिए गए ठेकों के अधिक कार्य अभी तक शुरु भी नही किए गए या फिर अधूरे पड़े हैं, जो एक आध नाला बनाया गया है, उसपर लगभग एक वर्ष से स्लैब नही डाली गई है। इसके कारण बरसात का पानी बाहर आकर लोगों की दुकानों और घरों में जा रहा है।
पत्रकारों द्वारा एजलेंसी का नाम पूछने पर उन्होने बताया कि यह सभी ठेके अग्रसेन कॉपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन सोसायटी के नाम अलॉट हैं। एजेंसी द्वारा कार्य करने में लिखित में असमर्थता जताने के बावजूद भी इसी एजेंसी से काम करवाया जा रहा है। उन्होने कहा कि नगर परिषद में व्यापक भ्रष्टाचार है। नगर परिषद में फैले भ्रष्टाचार की जांच विजिलेंस विभाग से करवाने की मांग करते हिुए कहा अरोड़ा ने कहा कि निष्पक्ष जांच होने पर एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आएगा। उन्होने मांग की कि जनता की खून पसीने की गाढी कमाई में लूटमार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होने यह भी जानकारी दी कि नगर परिषद के अकाऊंट आफिसर ने वर्ष 2023 में 6 फर्जी एंट्री दी थी जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नही हुई।
अरोड़ा ने बताया कि नगर परिषद थानेसर द्वारा 30 अवैध कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव पास करके सरकार के पास भेजा था लेकिन इनमें से 22 कॉलोनियां वैध होने के मानदंड पूरे नही करती। इनमें से केवल 8 कॉलोनियां ही वैध हुई हैं। बड़े बड़े प्रोपर्टी डीलर नगर परिषद द्वारा कॉलोनी अप्रुवड़ करने का प्रस्ताव दिखाकर अवैध कॉलोनियों में महंगे प्लाट बेच देते हैं, जिसका खामियाजा गरीब लोगों को भुगतना पड़ता है। सत्तारूढ दल के सरंक्षण में शहर के चारों ओर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं लेकिन प्रशासन आंखे मूंदकर बैठा हुआ है। ऐसा लगता है कि कुरुक्षेत्र में नगर एवं योजना का विभाग है ही नही है। अशोक अरोड़ा ने रेलवे एलिवेटेड ट्रैक का 17 जुलाई को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा के दो नेताओं में इस काम का श्रेय लेने की होड़ लगी है। जबकि पूरे देश में रेलवे द्वारा फाटक खत्म करने की योजना बनाई गई है। उन्होने बताया कि थानेसर रेलवे स्टेशन को बनाने की मांग सबसे पहले दिशा की बैठक में उन्होने सांसद नवीन जिंदल के सामने उठाई थी।
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पूर्व विधायक को नारियल फोडऩे का शौक
अरोड़ा ने कहा कि पूर्व विधायक को नारियल फोडऩे का बडा शौक है, विधायक कोटे के उनके द्वारा जारी ग्रांट कार्य भी लंबे समय तक रोक लिए जाते हैं और पूर्व विधायक द्वारा नारियल फोडऩे के बाद ही शुरु किए जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आलमपुर गांव का बताते हुए उन्होने कहा कि जहां एक ग्रांट से रोड़ धर्मशाला बनाने के लिए 10 लाख रूपए भिजवाए थे लेकिन वह काम लंबे समय से शुरु नही किया गया व दबाव बनाया गया कि पूर्व विधासक से नारियल तुड़वाओ। अरोड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि जनता के विकास कार्य होने चाहिए, नारियल चाहे एक की बजाए दो बार तुड़वा लो, उन्हे कोई ऐतराज नही है। एक प्रश्न के उत्तर में अरोड़ा ने कहा कि दो साल पूर्व सक्रिय 4 दलालों का नाम उजागर करने की घोषणा करने वाले पूर्व विधायक ने आज तक भी उन दलालों के नाम नही बताए हैं। इस अवसर पर थानेसर कांग्रेस के शहरी प्रधान विवेक मैहता विक्की, ग्रामीण प्रधान सुनील राणा, जिला कांग्रेस के उपप्रधान विवेक भारद्वाज डब्बू, नगर पार्षद राजेंद्र सैनी, नगर पार्षद परमजीत सिंह पिं्रस, पूर्व पार्षद निश्चल ढिंगड़ा, रिाधेश्याम गर्ग, जला कांग्रेस महासचिव टेकचंद बारना तथा सौरभ गर्ग भी उपस्थित थे।
