कुरुक्षेत्र, 10 जुलाई। अनुसूचित जातियां, जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के चेयरमैन एवं विधायक नीलोखेड़ी भगवान दास कबीरपंथी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सौ फीसदी तक मिलना चाहिए। इसके साथ ही पीड़ितों को समय रहते न्याय दिया जाए और सरकार की योजना के अनुसार मुआवजा भी मुहैया करवाया जाए। इस मामले में लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। अगर किसी स्तर पर भी कोई खामी पाई गई तो सरकार द्वारा नियम अनुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
हरियाणा विधानसभा सचिवालय अनुसूचित जातियां, जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के चेयरमैन एवं विधायक नीलोखेड़ी भगवान दास कबीरपंथी शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
चेयरमैन भगवान दास कबीरपंथी ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के साथ अत्याचार के पुलिस ने वर्ष 2022 में कुल 78 केस दर्ज, 29 मामलों में चार्जशीट फाइल किया, 47 मामलों को डिस्पोज ऑफ किया गया, इनमें से 10 मामलों में आरोपी बरी हो चुके हैं और 19 केस अभी पेंडिंग हैं। वर्ष 2023 में कुल 75 केस दर्ज, 25 मामलों में चार्जशीट फाइल किया, 50 मामलों को डिस्पोज ऑफ किया गया, इनमें से 4 मामलों में आरोपी बरी हो चुके हैं और 21 केस अभी पेंडिंग हैं। वर्ष 2024 में कुल 51 केस दर्ज, 22 मामलों में चार्जशीट फाइल किया, 26 मामलों को डिस्पोज ऑफ किया गया, इनमें से एक मामले में सजा सुनाई गई, 10 मामलों में आरोपी बरी हो चुके हैं और 18 केस अभी पेंडिंग हैं। वर्ष 2025 में कुल 34 केस दर्ज, 20 मामलों में चार्जशीट फाइल किया, 14 मामलों को डिस्पोज ऑफ किया गया, इनमें से 18 केस अभी पेंडिंग हैं। वर्ष 2026 में अब तक कुल 12 केस दर्ज, 2 मामलों में चार्जशीट फाइल किया, 5 मामलों को डिस्पोज ऑफ किया गया है।
उन्होंने कहा कि गैर अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर अत्याचार जैसे मारपीट, दुर्व्यवहार, भूमि का अनाधिकृत कब्जा, कत्ल, डकैती, बलात्कार व नरसंहार इत्यादि होने पर अनुसूचित जाति या जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज होने उपरान्त अत्याचार पीड़ितों को अनुसूचित जाति या जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम, 1995 की वर्ष 2016 से संशोधित दरों के अनुसार आर्थिक सहायता तथा अन्य सुविधाएं दी जाती है। इस नियम के तहत 85000 रुपए से 8.25 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 1 जनवरी 2022 से 31 मार्च 2026 तक 270 केस दर्ज हुए, 102 मामलों में फुल पेमेंट की जा चुकी है, 97 मामलों में राहत राशि नहीं दी गई। अभी 55 मामले कोर्ट में पेंडिंग है और 5 मामलों की जांच चल रही है। योजना का लाभ पाने के लिए सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान एफआरआई, चालान या फैसला की प्रति, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, परिवार पहचान पत्र, चिकित्सा रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पैन कार्ड, रिहायशी प्रमाण पत्र की प्रत्ति साथ लगानी होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 1389 आवेदन प्राप्त हुए, 206 आवेदन पत्र रिजेक्ट हुए और लाभार्थियों को 7 करोड़, 33 लाख 80 हजार रुपए दिए गए। इसी तरह वर्ष 2024-25 में 2070 आवेदन प्राप्त हुए, 159 आवेदन पत्र रिजेक्ट हुए और लाभार्थियों को 11 करोड़, 61 लाख 69 हजार रुपए दिए गए। इस योजना के तहत वर्ष  2025-26 में 2112 आवेदन प्राप्त हुए, 201 आवेदन पत्र रिजेक्ट किए गए और लाभार्थियों को 11 करोड़ 84 लाख 58 हजार रुपए दिए गए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के 1 लाख 80 हजार रुपये तक आय वाले नागरिकों को लाभ पहुंचाना है। वर्तमान में इस स्कीम में अनुसूचित जाति, वमुक्त जाति/ टपरीवास जाति के आवेदन कर्ताओं को उनकी पुत्री की शादी में 71000 रूपए की अनुदान राशि दी जाती है। पिछड़े वर्ग को 51000 रुपए, सामान्य वर्ग को 41000 रूपए, विधवा महिला को 51000 रूपए, दिव्यांगजनों को उनके विवाह पर 51000 रूपए और उत्कृष्ठ महिला खिलाडिय़ों को उनके स्वयं के विवाह पर 51000 रूपए की अनुदान राशि दी जाती है।
उन्होंने कहा कि आत्मा योजना के तहत वर्ष 2022-23 में अनुसूचित जाति के किसानों पर 10 लाख 47 हजार 306 रुपए, वर्ष 2023-24 में 56 हजार 128 रुपए और वर्ष 2025-26 में 11 लाख 34 हजार 467 रुपए प्रयोग किए गए। इसी तरह सीआरएम स्कीम के तहत कंपोनेंट प्लान का 99 लाख 53 हजार 625 बजट की एक जनवरी 2022 से 31 मार्च 2026 तक अनुसूचित जातियों के लिए खर्च किया गया।
साढ़ौरा विधायक रेणूबाला ने भी समिति के सामने अपने विचार रखे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए मीटिंग के एजेंडे पर विस्तृत प्रकाश डाला और कहा कि आगामी 15 दिनों के अंदर सभी एसडीएम के माध्यम से महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती के तहत बनी कॉलोनी की सुविधाओं के साथ-साथ अन्य योजनाओं के बारे में आंकलन किया जाएगा।

धुराला गांव की महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती का किया निरीक्षण
चेयरमैन भगवानदास कबीरपंथी ने बैठक के उपरांत महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत तैयार गांव धुराला की बीपीएल कॉलोनी का निरीक्षण किया। यहां पर मौजूद नागरिकों से बातचीत की। उनसे कॉलोनी की सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। इसके साथ ही उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि जिला में इस योजना के तहत 18468 प्लाट आवंटित किए गए, 17837 प्लाटों को लाभार्थी को दिया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के तहत कुरुक्षेत्र में 13674 आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें घुमंतू जाति के 6 आवेदन, विधवा ने 750 आवेदन, अनुसूचित जाति के 5355 आवेदन व अन्य के 7563 आवेदन शामिल हैं। इस योजना के तहत 33 पंचायतों में 1617 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है।

महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती में लाभार्थियों को उपलब्ध करवाएं तमाम सुविधाएं : शैली चौधरी
विधायक शैली चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती में 100-100 के प्लाट वाली कॉलोनी में लोगों को पीने के पानी, बिजली, गलियों सहित अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। जब कॉलोनी में ये सब सुविधाएं होंगी तो निश्चित ही लोग इस बस्ती में आराम से अपना जीवन व्यतीत कर पाएंगे।

बैठक में ये गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर शाहाबाद विधायक रामकरण, साढ़ौरा विधायक रेणु बाला, नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी, बावल विधायक कृष्ण कुमार, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, अंडर सेक्रेटरी अंकित ढुल, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक जय प्रकाश, उप निदेशक वंदना, एसडीएम थानेसर अमन कुमार, एसडीएम लाडवा अनुभव मेहता, पिहोवा एसडीएम गुरविंद्र सिंह, जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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