करनाल, 17 जून। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत पीड़ित परिवारों को समय पर लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन कृत संकल्प है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के पात्र परिवारों को समय पर दावों के भुगतान करवाया जाए ताकि जरूरत के समय पीडि़त परिवार के लोगों को मदद मिल सके।
एडीसी लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारी की बैठक में बोल रहे थे। इससे पूर्व वीसी के माध्यम से सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव ने प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दावों के भुगतान की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत लेकिन जिला कलेक्टर स्तर पर लंबित दावों की समीक्षा की। साथ ही अस्पतालों को भुगतान में हो रही देरी, जिला स्तरीय खातों की तैयारियों, जिला कलेक्टरों के स्थानांतरण एवं पदस्थापना से उत्पन्न समस्याओं तथा संबंधित अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं संवेदनशीलता बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। बैठक लंबित दावों की राज्यवार स्थिति, भुगतान में देरी के कारण, कलेक्टरों के स्थानांतरण के दौरान टीएमएस एवं पीएफएमएस पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग की व्यवस्था तथा शिकायत निवारण अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। इस संबंध में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के रेजिडेंट कमिश्नरों तथा पीएम राहत योजना के राज्य नोडल अधिकारी बैठक में शामिल रहे।इस मौके पर एसडीएम देवेंद्र शर्मा, आरटीए विजय देशवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ.अमन काम्बोज, डीआरएम स्वाति गुप्ता मौजूद रहे।
पीएम राहत सडक़ दुर्घटना पीडि़तों के लिए एक कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना
अतिरिक्त उपायुक्त डा. राहुल रईया ने बताया कि पीएम राहत योजना के तहत सडक़ हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति को दुर्घटना के पहले 7 दिनों तक या अधिकतम 1.5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज मिलता है। योजना की मुख्य विशेषताएं कैशलेस इलाज हादसे के बाद पीड़ित को अस्पताल में भर्ती होने या इलाज के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। अस्पतालों को इसका भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
किसे मिलेगा लाभ
अतिरिक्त उपायुक्त डा. राहुल रईया ने बताया कि यह सुविधा भारत की किसी भी सडक़ (चाहे हाईवे हो या ग्रामीण सडक़) पर हुए हादसे में शामिल हर पात्र व्यक्ति को मिलेगी, भले ही वह वाहन बीमित हो या नहीं इसका लाभ कैसे उठाएं। दुर्घटना होने पर तुरंत 112 पर कॉल करें कॉल ऑपरेटर आपको एंबुलेंस और आपके सबसे नजदीकी रजिस्टर्ड (सम्बद्ध) अस्पताल से जोड़ देंगे। नोडल मंत्रालय (सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन के माध्यम से नियंत्रित करते हैं।
