कुरुक्षेत्र, 13 जून। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इंदु कौशिक ने कहा कि जिले के किसी भी प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय को बंद करने या किसी अन्य स्कूल में मर्ज नहीं किया जा रहा है और न ही ऐसा कोई निर्णय लिया गया है। कुछ कर्मचारी व अध्यापक संगठनों ने जिला के बाबैन खण्ड के कुछ स्कूलों को मर्ज करने की शंका जाहिर की है तथा नाराजगी जाहिर की है। कर्मचारी संगठनों को यह शंका निराधार है। इसके विपरीत सरकार व विभाग द्वारा बाबैन खण्ड के स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बाबैन प्रदेश का पहला शैक्षणिक खंड है जिसमें विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए विशेष तौर पर रोडवेज की बसें चलाई गई हैं। खण्ड का महत्व इसी बात से स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व निदेशक महोदय ने स्वयं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाबैन से की थी, 21 मई को विशेष समारोह में विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना पार्ट 2 का विधिवत शुभारंभ हुआ था। इसके अतिरिक्त गत वर्ष स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एलईडी टीवी व सम्पर्क सेट टॉप बॉक्स वितरित किए थे। अनेक प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड भी वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, अध्यापकों व कर्मचारी संगठनों को किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए तथा इन शंकाओ से दूर रहकर विद्यालय व विभाग की बेहतरी व बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें।
उन्होंने कहा कि कुछ विद्यालयों में छात्रों की संख्या में कमी सभी के लिए चिंता का विषय जरूर है जिसके लिए अध्यापकों, अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को भी आगे आकर सरकारी विद्यालयों में दाखिले के लिए मुहिम चलानी चाहिए।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इंदु कौशिक ने कहा कि स्कूलों में सुविधाओं व अध्यापकों की कमी
नहीं रहने दी जाएगी। ट्रांसफर ड्राइव के बार अध्यापकों की संख्या सामान्य हो जाएगी। तब तक अध्यापक उपलब्ध करवाने के लिए नियमानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
