कुरुक्षेत्र, 30 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ’मशीनी कढ़ाई प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यशाला’ का समापन गुरुवार को हुआ। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत संचालित स्वावलंबन कौशल संवर्धन कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई।
अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और कौशल विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में दिए गए सहयोग की भी सराहना की। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने सिलाई एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों तथा मशीनी कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। साथ ही महिला अध्ययन शोध केंद्र की गतिविधि कैलेंडर (सत्र 2026-27) का भी लोकार्पण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत महिला अध्ययन शोध केंद्र की निदेशिका प्रो. वनिता ढींगरा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, रेसिपी प्रतियोगिता और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी अनेक गतिविधियों का नियमित आयोजन करता है। उन्होंने कहा कि ’’श्स्वावलंबनश् योजना’’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन शोध अधिकारी डॉ. वंदना दवे ने किया। उन्होंने बताया कि महिला अध्ययन शोध केंद्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संघ के सहयोग से विश्वविद्यालय के आसपास के छह गांवों में सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहा है। इन केंद्रों को आधुनिक कढ़ाई और इंटरलॉकिंग मशीनों से सुसज्जित किया गया है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बेहतर हुई है।
कार्यशाला में मशीनी कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 35 ग्रामीण महिला प्रशिक्षिकाओं सहित लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।
