एडवोकेट वासु रंजन ने कहा कि देश का युवा वर्ग रोजगार, शिक्षा और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय अवैध सट्टेबाजी के जाल में फंसता जा रहा है। ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म युवाओं को आसान कमाई का लालच देकर आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से कमजोर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे प्लेटफॉर्म कानून के अनुरूप कार्य कर रहे हैं तो संबंधित एजेंसियां इसकी स्थिति स्पष्ट करें, और यदि कहीं भी अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं तो कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि देश में संचालित सभी संदिग्ध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनके पीछे कौन लोग हैं, धन का स्रोत क्या है और क्या ये भारतीय कानूनों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
वासु रंजन ने कहा कि अवैध सट्टेबाजी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सामाजिक बुराई भी है, जो युवाओं को कर्ज, अपराध और मानसिक तनाव की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों परिवार इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं और सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स और नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो काउंसिल ऑफ लॉयर्स इस मामले को जनहित का विषय मानते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर करेगा
उन्होंने कहा कि भारत का युवा सट्टे और नशे की ओर नहीं बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। काउंसिल ऑफ लॉयर्स इस मुद्दे को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाएगा ताकि युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
