कुरुक्षेत्र, 13 जून। हरियाणा प्रदेश के 23 जिलों के 1100 श्रद्घालुओं ने पहली बार समुद्र(अरब सागर) और श्री सोमनाथ मंदिर के पहली बार दर्शन किए। इन दर्शनों से सभी श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और मन में भक्ति भाव को सहजता से देखा जा सकता था। इन श्रद्घालुओं ने श्री सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना कर जलाभिषेक करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सुखमय जीवन और निरंतर आगे बढ़ने की प्रार्थना भी की है। इस तीर्थ यात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार हर प्रकार के प्रबंध उच्च स्तरीय थे ताकि किसी भी यात्री को रत्ती भर भी परेशानी ना हो।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 8 जून को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से श्री सोमनाथ यात्रा के लिए विशेष ट्रेन को रवाना किया था और एक एक श्रद्घालु के साथ अपने मन की भावना को साझा भी किया था। इस पांच दिवसीय यात्रा के दौरान श्रद्घालुओं ने सबसे पहले श्री सोमनाथ मंदिर के आस पास के ऐतिहासिक, प्राचीन मंदिरों और तीर्थ श्री गीता मंदिर, श्री राम मंदिर, त्रिवेणी संगम, भालका तीर्थ, गौलोक धाम, आहिल्याबाई मंदिर और संमुद्र किनारे सूर्यास्त आरती का आनंद लिया तथा श्री सोमनाथ  मंदिर में विशेष प्रबंधों के बीच 1100 यात्रियों ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की है। इन अधिकतर श्रद्घालुओं ने प्रदेश की तरक्की और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरक्की और खुशहाली के लिए प्रार्थना भी की है।
इस पांच दिवसीय ऐतिहासिक और यादगार यात्रा के बाद गत देर रात्रि सोमनाथ धाम से श्रद्धालु अपने भीतर नई ऊर्जा, प्रेरणा व चेतना के साथ कुरुक्षेत्र लौटे हैं। तीर्थयात्राएं समाज को जोड़ने का महान माध्यम होती हैं। ऐसा ही माध्यम मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना बना रही है। ये यात्राएं हम सबको अपनी जड़ों, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैं। इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन किए। अहम पहलू यह है कि इन धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ ही 5 दिवसीय मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा ऐतिहासिक एवं यादगार क्षणों के साथ संपन्न हुई। श्रद्घालुओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को श्रवण पुत्र कहकर खूब आशीष दी।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ नरेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से ही हरियाणा के श्रद्धालुओं को प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ गुजरात के दर्शन करवाए। आज जो ट्रेन प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ गुजरात के दर्शन कर कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर पहुंची है। यह दो महान तीर्थ स्थलों के बीच सेतु का काम कर रही है। कुरुक्षेत्र को विश्व भर में धर्मक्षेत्र की ख्याति प्राप्त है, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने मोह ग्रस्त अर्जुन के माध्यम से संसार को गीता का उपदेश देकर जीवन का मार्ग दिखाया। इन दोनों पवित्र स्थलों को जोडऩे वाली यह विशेष ट्रेन भारत की आध्यात्मिक धारा के प्रवाह का प्रतीक बनी है। उन्होंने कहा कि इस 5 दिवसीय यात्रा में श्रद्घालुओं के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से एसी ट्रेन, उच्च स्तरीय खाना, स्टार होटलों में ठहरने की व्यवस्था व चिकित्सक सुविधाओं के साथ-साथ अलग-अलग मंदिरों के दर्शन के लिए विशेष 22 बसों की भी व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा कि प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ गुजरात की यात्रा ऐतिहासिक एवं यादगार रही। इस यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं ने श्री सोमनाथ मंदिर में जलाभिषेक, लाइट एंड साउंड शो, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर डाक्यूमेंट्री फिल्म और 22 मिनट की महाआरती को देखा। इसके अलावा भेदभंजन, भालका तीर्थ, राम मंदिर, बाण गंगा के दर्शन किए। इन यात्रियों ने बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ गुजरात के ऐतिहासिक स्थलों को देखने का मौका मिला है। पांच दिवसीय यात्रा में  आकर्षण केंद्र रही। यह मौका मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से मिला है।
इस मौके पर एआईपीआरओ केदारनाथ शर्मा, अधीक्षक हाकिम सिंह, एआईपीआरओ बलराम शर्मा, लेखाकार सतबीर यमुनानगर, युद्घविन्द्र बीपीडब्लयू, विक्रम सैनी सीओ आदि उपस्थित थे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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