शांडिल्य ने कहा कि चौधरी भजनलाल ने हरियाणा की राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया था और आज कुलदीप बिश्नोई उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के लोगों की आवाज बनकर कार्य कर रहे हैं।
वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वर्ष 2014 में हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के पीछे कुलदीप बिश्नोई की राजनीतिक भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उस समय लिए गए उनके निर्णयों ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने का कार्य किया था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को कुलदीप बिश्नोई जैसे अनुभवी और जनाधार वाले नेता को और अधिक महत्व देकर प्रदेश की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए, जिससे संगठन और अधिक मजबूत हो सके।
शांडिल्य ने कहा कि उनका बिश्नोई परिवार से तीन दशक से भी अधिक पुराना आत्मीय संबंध है। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनके शुरुआती कदम भी चौधरी भजनलाल के मार्गदर्शन में पड़े थे। उन्होंने कहा कुलदीप बिश्नोई मेरे लिए केवल एक नेता नहीं, बल्कि बड़े भाई और परिवार के सदस्य हैं। वह जो भी निर्णय प्रदेश और जनता के हित में लेंगे, मैं उनके साथ मजबूती से खड़ा रहूंगा।
मुलाकात के दौरान कुलदीप बिश्नोई ने वीरेश शांडिल्य का दिल्ली आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि आज देश और समाज को ऐसे राष्ट्रभक्त व्यक्तित्वों की आवश्यकता है, जो बिना किसी भय के राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि वीरेश शांडिल्य पिछले लगभग तीन दशकों से आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उनका यह अभियान सराहनीय है। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि जब वह वीरेश शांडिल्य के राष्ट्रहित में किए जा रहे संघर्ष को देखते हैं तो उन्हें शहीद-ए-आज़म भगत सिंह,राजगुरु, सुखदेव की देशभक्ति और त्याग की भावना याद आती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ कार्य करने वाले लोगों की संख्या आज कम होती जा रही है, लेकिन वीरेश शांडिल्य निडर होकर देशहित के मुद्दों को उठाते हैं।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उनके पिता चौधरी भजनलाल ने भी आतंकवाद के कठिन दौर में हरियाणा और पंजाब की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए थे। उन्होंने कहा कि आज वीरेश शांडिल्य उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी शक्तियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रहे हैं, जो काबिल-ए-तारीफ है।कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि आज बहुत कम लोग ऐसे हैं जो किसी दबाव या भय के बिना राष्ट्रहित के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं। उन्होंने कहा कि वीरेश शांडिल्य जिस साहस और स्पष्टता के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं, वह प्रशंसनीय है। बिश्नोई ने कहा वीरेश शांडिल्य की निडरता, बेखौफ व्यक्तित्व और राष्ट्रभक्ति को सलाम करता हूं। ऐसे लोगों के साथ मैं हमेशा खड़ा रहूंगा।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि शांडिल्य परिवार उनके अपने परिवार जैसा है और दोनों परिवारों के बीच वर्षों पुराने आत्मीय संबंध हैं। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही अंबाला का दौरा करेंगे और वीरेश शांडिल्य के निवास पर पहुंचकर अंबाला के नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर भी ट्वीट कर कहा कि जिस आत्मीयता, स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव के साथ वीरेश शांडिल्य ने अपने विचार व्यक्त किए, उससे मेरा मन अत्यंत प्रसन्न और भाव-विभोर हो गया। वीरेश शांडिल्य ने सदैव हमारे सुख-दुःख में एक परिवार के सदस्य की तरह साथ निभाया है। आज भी उनकी शेरो-शायरी और हृदय से निकले हुए शब्दों में वही अपनापन, संवेदनशीलता और पारिवारिक संस्कार झलकते हैं। ऐसे विचार केवल वही व्यक्ति रख सकता है, जो रिश्तों को दिल से निभाना जानता हो। इस विनम्र स्वभाव और सकारात्मक सोच का मैं हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, अपार यश, निरंतर प्रगति और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्रदान करें।
इस अवसर पर वीरेश शांडिल्य ने घोषणा की कि निकट भविष्य में अंबाला में कुलदीप बिश्नोई का भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऐसे अनुभवी, संघर्षशील और सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है और कुलदीप बिश्नोई इस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की क्षमता रखते हैं।
