कुरुक्षेत्र, 30 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज से सेवानिवृत्त हुईं अंग्रेजी की वरिष्ठ शिक्षिका डॉ. अतुल रासिका ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रति विशेष लगाव एवं प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एलुमनी एसोसिएशन को 5 लाख रुपये का तथा आईआईएचएस संस्थान के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 हजार रुपये का अनुदान दिया। डॉ. अतुल रासिका द्वारा प्रदान की गई 50 हजार रुपये की इस राशि में से अंग्रेजी विभाग को 25 हजार रुपये तथा दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी) विभाग को 25 हजार रुपये का अनुदान दिया है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि डॉ. अतुल रासिका का यह योगदान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के प्रति उनके गहरे भावनात्मक जुड़ाव और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षकों का अपनी मातृसंस्था के विकास में योगदान देना विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत बनाता है। प्रो. सचदेवा ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक शक्ति उसके पूर्व विद्यार्थी होते हैं। जब पूर्व छात्र और शिक्षक संस्थान के विकास के लिए आगे आते हैं तो इससे न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को बल मिलता है, बल्कि वर्तमान विद्यार्थियों को भी समाज और संस्थान के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. अतुल रसिका द्वारा दिया गया यह योगदान विश्वविद्यालय एलुमनी गतिविधियों के विस्तार, विद्यार्थियों के हितों तथा शैक्षणिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में उपयोगी सिद्ध होगा। साथ ही आईआईएचस को दिया गया सहयोग संस्थान की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
डॉ. अतुल रासिका ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने उन्हें शिक्षा, संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने का मजबूत आधार प्रदान किया है। विश्वविद्यालय से उनका रिश्ता केवल एक शिक्षिका का नहीं, बल्कि परिवार का है। उन्होंने कहा कि मातृ संस्था के विकास में योगदान देना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशिका डॉ. जिम्मी शर्मा मौजूद थी।

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