कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को दी गलत सूचना तथ्यों को छिपाया गया।
नवनिर्वाचित प्रधान नीलकंठ शर्मा जी और महासचिव वकील चंद रंगा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की अकेडमिक ब्रांच द्वारा पुलिस को दी गई सूचना पूर्णतः गलत है और जिसमें बड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया गया है । उन्होंने बताया 800 से अधिक कर्मचारियों द्वारा लिखित में दोबारा चुनाव करवाने की मांग के अनुरूप दिनांक 3.6.2026 को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की टीम की अध्यक्षता में कुंटिया की आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से कुंटिया कार्यकारिणी का गठन किया गया था और इसकी सूचना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलपति को पत्र क्रमांक KUNTEA/04 दिनांक 04.06.2026 के माध्यम से दे दी गई थी और पत्र क्रमांक KUNTEA/02 दिनांक 04.06.2026 के माध्यम से राज्यपाल, हरियाणा को भी दे दी गई थी व हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जिला कुरुक्षेत्र द्वारा भी पत्र क्रमांक SKS/HR/KKR/SPL-2 दिनांक 04.06.2026 के माध्यम से कुलपति व राज्यपाल, हरियाणा को सूचना दे दी गई थी इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन के पास तमाम जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस को एकतरफी जो सूचना दी गई है पूर्ण रूप से गलत है और तथ्यों रहित है व सभी कर्मचारियों की भावनाओं का अपमान है। यह गलत सूचना नीलकंठ शर्मा से निजि शत्रुता के चलते विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ विरेंद्र पाल व कुलपति के ओएसडी श्री पवन रोहिला के प्रैशर में दी गई है क्योंकि ये दोनों अधिकारी शुरू से ही कुंटिया चुनाव में इंटरफेयर कर रहे हैं जिनकी वजह से आज तक कुंटिया चुनाव का शैडयूल निर्धारित नहीं हुआ है और ना ही विश्वविद्यालय प्रशासन के पास चुनावी शैडयूल की अनुमति ना देने का कोई ठोस कारण है जिससे विश्वविद्यालय में स्थिति बहुत ही गंभीर बनी हुई है। कुंटिया संविधान के अनुसार राजवंत कौर और उनकी कार्यकारिणी का एक वर्ष 14 फरवरी 2026 को पूरा हो चुका है। कुंटिया संविधान के अनुसार एक साल पूरा होने के बाद चुनाव होने तक मौजूदा कार्यकारिणी ने पदों पर बने रहने के लिए जनरल बोडी की मीटिंग बुलानी पड़ती है जो पूर्व प्रधान रजवंत कौर ने नहीं बुलाई इसलिए प्रशासन द्वारा रजवंत कौर को कुंटिया प्रधान मानना असंवैधानिक है। नीलकंठ शर्मा व वकील चंद रंगा ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए 20.07.2026 तक का समय दिया था लेकिन राजवंत कौर ने पुलिस के आदेश ना मानकर उसी दिन दिनांक 16.06.2026 को ही कुंटिया कार्यलय का ताला तोड़कर अपने समर्थकों के साथ प्रवेश किया।राजवंत कौर ने अपनी तानाशाही के चलते वर्ष 2026-27 का चुनाव हुए बिना ही होनर बोर्ड पर अपने आपको प्रधान लिखवाकर कुंटिया संविधान का उल्लंघन किया है।महासचिव वकील चंद रंगा ने कहा कि कुंटिया ट्रेड यूनियन श्रम व लेबर विभाग से पंजीकृत है और आरटीआई के माध्यम से श्रम व लेबर विभाग ने वर्ष 2026 के लिए नीलकंठ शर्मा जी को कुंटिया प्रधान और वकील चंद रंगा को महासचिव व समस्त नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को अधिकृत माना है। नवनिर्वाचित कुंटिया महासचिव वकील चंद रंगा ने कहा कि 16 जुलाई 2026 को नवनिर्वाचित कुंटिया प्रधान श्री नीलकंठ शर्मा जी के साथ कुंटिया कार्यलय में जो दुर्व्यवहार राजवंत कौर और उसके समर्थकों ने किया है वह बहुत ही निंदनीय है और उसको लेकर कर्मचारियों में रोष है व विश्वविद्यालय में स्थिति बहुत गंभीर बन सकती है और इसके जिम्मेवार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ विरेंद्र पाल और कुलपति के ओएसडी श्री पवन रोहिला होंगे।
