फरीदाबाद। नीमका स्थित जिला जेल में अब कैदी सिर्फ सजा नहीं काटेंगे, बल्कि अपनी प्रतिभा भी दिखा सकेंगे। जेल प्रशासन कैदियों को जेल रेडियो के जरिए अपनी बात रखने, कविता सुनाने और गीत गाने का मौका देने जा रहा है। इसके लिए जेल प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

जेल अधिकारियों के अनुसार रोजाना करीब आधे घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रसारित किया जाएगा। इसमें कैदी अपने अनुभव, विचार, प्रेरणादायक बातें और गीत साझा कर सकेंगे।

इसके लिए जेल प्रशासन की एक टीम कैदियों से बातचीत कर उनकी रुचि जानेगी। इच्छुक कैदियों को अपनी स्पीच या गीत तैयार करने का समय दिया जाएगा। इसके बाद जेल प्रबंधन की कमेटी सामग्री सुनकर उसे अप्रूव करेगी और फिर रेडियो पर प्रसारित किया जाएगा।

कैदियों का मानसिक तनाव कम होगा

जेल अधिकारियों का मानना है कि इससे कैदियों का मानसिक तनाव कम होगा और उनमें सकारात्मक सोच विकसित होगी। कई कैदी संगीत, लेखन और बोलने की कला में रुचि रखते हैं, लेकिन उन्हें मंच नहीं मिल पाता। जेल रेडियो उनके लिए अभिव्यक्ति का माध्यम बनेगा।

फरीदाबाद जेल में जेल रेडियो” की शुरुआत 28 जनवरी 2021 को की गई थी। इसे हरियाणा की जेल सुधार पहलों में अहम कदम माना गया था। इस रेडियो की शुरुआत हरियाणा जेल विभाग और तिनका तिनका फाउंडेशन की पहल पर हुई थी। उस समय चयनित कैदियों को रेडियो जाकी, एंकरिंग और प्रसारण की ट्रेनिंग भी दी गई थी।

जेल में ई-लाइब्रेरी और कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जा चुके

फरीदाबाद जेल को पहले भी जेल सुधारों के लिए जाना जाता रहा है। यहां कैदियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग, पाटरी और अन्य कलाकृतियां सूरजकुंड मेले तक पहुंच चुकी हैं। जेल में ई-लाइब्रेरी और कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जा चुके हैं।

जेल रेडियो का मकसद कैदियों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना है। हरियाणा की कई जेलों में यह प्रयोग पहले ही शुरू हो चुका है। जेल अधीक्षक नरेश गोयल का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम कैदियों के व्यवहार में बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं।

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