कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में 11 व 12 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस एवं इंटीग्रेटिव मेडिसिन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विशेषज्ञ आयुष चिकित्सा, आधुनिक तकनीक, अनुसंधान एवं व्यक्तिगत जीवनशैली आधारित उपचार पद्धतियों पर अपने विचार साझा करेंगे।
कुलसचिव डॉ.कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक और अनुसंधान की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नई सोच, नवाचार और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
बता दें कि पहले दिन 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर रिसर्च एंड इनोवेशन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) से डॉ. रामअवतार शर्मा, आईआईटी दिल्ली से डॉ. समीर सिंह तथा एचएससीएसआईटी के विशेषज्ञ डॉ. राहुल तनेजा बतौर रिसोर्स पर्सन भाग लेंगे। कार्यक्रम में आयुष चिकित्सा में तकनीक और नवाचार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
“आयुष के नवीन आयाम” विषय पर होगा व्याख्यान
दूसरे दिन मंगलवार को श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय एवं आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वावधान में “आयुष के नवीन आयाम” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित होगा। जिसमें आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान मुख्यातिथि शिरकत करेंगे,जबकि आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ.अशोक वार्ष्णेय मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। इसी दिन दूसरे सत्र में “स्कोप ऑफ पर्सनलाइज्ड डाइट एंड लाइफस्टाइल इन इंटीग्रेटिव मेडिसिन” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में हाउस ऑफ हारले लंदन के विशेषज्ञ संजीव कुमार, डॉ. योगेश नैन तथा अग्निवेश आयुर्वेद गाजियाबाद के वैद्य विनोद शर्मा इंटीग्रेटिव मेडिसिन में व्यक्तिगत आहार एवं जीवनशैली की भूमिका पर विचार रखेंगे।
कार्यक्रमों के लिए कमेटियों का किया गठन: प्रो. मेहता
आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य डॉ. आशीष मेहता ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटिव मेडिसिन भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। कार्यक्रम संयोजक प्रो. डॉ. दीप्ति पराशर ने बताया कि आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है। वहीं,कार्यक्रम संयोजक प्रो.ब्रिजेंद्र सिंह तोमर एवं डॉ. मनीषा खत्री ने बताया कि दोनों दिनों में विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों, चिकित्सकों और शोधार्थियों को नई तकनीकों एवं आधुनिक स्वास्थ्य अवधारणाओं से अवगत कराया जाएगा।
