कुरुक्षेत्र, 30 अप्रैल। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आधारित जिस पर व्यक्ति के पास हस्तलिखित पांडुलिपियां हैं वह व्यक्ति आगामी एक सप्ताह के अंदर अंदर ज्ञान भारतम डॉट कॉम पर अपलोड कर सकता है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया वीरवार को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यालय में हस्तलिखित पांडुलिपियों के संदर्भ में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन पांडुलिपियों को खोजना, उनका संरक्षण करना और उन्हें डिजीटाइज करना है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया ने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस संदर्भ में नगर परिषद के सभी पार्षदों के साथ बैठक करके उन्हें बताएं, ताकि संबंधित पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को बताएं कि किसी के पास अगर हस्तलिखित पांडुलिपि है तो वह ज्ञान भारतम डॉट कॉम पर अपलोड कर सकता है या फिर केडीबी के कार्यालय में आकर फोटो के रूप में दे सकता है। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति की हस्तलिखित पांडुलिपि उसी के पास रहेगी, लेकिन उसकी हस्तलिखित पांडुलिपि पोर्टल पर अपलोड होगी, ताकि आम व्यक्ति उसे देख सके।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिला के सभी स्कूलों में प्रेयर के टाइम बच्चों को इस विषय के बारे में बताएं, ताकि वो घर जाकर अपने माता पिता को इसकी जानकारी दे सके। उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिला के सभी ग्राम सचिवों और पटवारियों को लिखित रूप में निर्देश दें कि वो गांव में ग्राम सभाओं का आयोजन कर इस विषय की जानकारी दें और घर-घर जाकर सरपंच के माध्यम से इस विषय के बारे में विस्तार से जानकारी दें।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया ने कहा कि जिला में अब तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा 15678 हस्तलिखित पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम डॉट कॉम पर अपलोड किया जा चुका है। इसके अलावा श्री कृष्णा म्यूजियम द्वारा भी 140 हस्तलिखित पांडुलिपियों को अपलोड किया जा चुका है। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इस विषय के नोडल आफिसर को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों को इस विषय के बारे में जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक हस्तलिखित पांडुलिपियां वेबसाइट पर अपलोड हो सके। उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर आम व्यक्ति खुद भी हस्तलिखित पांडुलिपि अपलोड कर सकता है।
इस मौके पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी साइंस के चेयरमैन प्रो. संजीव शर्मा, नगर परिषद से केएल बठला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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