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विदेश भेजने की होड़ और बदलती मानसिकता

( क्या सचमुच भारत में अवसर कम हैं या हम एक भ्रम में जी रहे हैं?) – डॉ. प्रियंका सौरभ पिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज में एक नई प्रवृत्ति…

विधायकों के टेलीफोन भत्ते: फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?) -डॉ. सत्यवान सौरभ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा…

व्हाट्सएप पर ‘Mera Accident Video.apk’ के नाम से चल रहे है स्कैम से सावधान, थोड़ी सी लापरवाही से खाली हो सकता है बैंक खाता

पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने आमजन/नागरिकों को साइबर फ्रॉड के मामलों को लेकर सतर्क करते हुए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में ऐसे अनेक प्रकरण…

क्लिक के दलदल में फँसा समाज: गालियों से ग्रोथ, शोर से शोहरत

(जहाँ सच सन्नाटा है, तमाशा उत्सव है — क्लिक की संस्कृति में खोता हुआ समाज और डिजिटल मंच पर किनारे पड़ा विवेक) डॉ. सत्यवान सौरभ डिजिटल दुनिया कभी ज्ञान, संवाद…

दौलत की फाइलें, भरोसे के सवाल

(अधिकारियों की संपत्ति के खुलासे ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ी) – डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा के आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक होने के बाद एक…

शादी की बदलती तस्वीर: दिखावे, अहंकार और टूटते रिश्ते

– डॉ० प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रही है, बल्कि इसे हमेशा से परिवार, समाज और संस्कारों से जुड़ी एक पवित्र संस्था माना…

चिप्स की जंग में भारत की एंट्री

(सेमीकंडक्टर सहयोग और बदलती वैश्विक रणनीति) डॉ. प्रियंका सौरभ भारत और अमेरिका के बीच सेमीकंडक्टर तथा उन्नत तकनीकी सहयोग को लेकर हुआ हालिया करार केवल एक द्विपक्षीय समझौता नहीं है,…

रफ्तार की कीमत: सड़क पर बुझता युवाओं का भविष्य

सड़क हादसे केवल दुर्घटनाएँ नहीं, बल्कि हमारी लापरवाही और गैर-जिम्मेदार सोच का परिणाम हैं। तेज़ रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और मोबाइल का इस्तेमाल युवाओं की ज़िंदगी निगल रहा है। नियमों…

शिक्षण संस्थानों में फूहड़ मनोरंजन : शिक्षा और मर्यादा पर बढ़ता राष्ट्रीय प्रश्न

(डीजे संस्कृति और अशोभनीय प्रस्तुतियों के बीच बच्चों के संस्कार, अनुशासन और शिक्षा के मूल उद्देश्य पर गंभीर चिंता) -डॉ. प्रियंका सौरभ विद्यालय किसी भी राष्ट्र की आत्मा का निर्माण…

कोविड टीका और हृदयाघात: अफ़वाहों के शोर में दबता विज्ञान

-डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में कोविड महामारी के बाद यदि कोई भय सबसे तेज़ी से समाज में फैला है, तो वह है—कोविड टीकों और हृदयाघात के बीच कथित संबंध। सोशल…