दो नई रेललाइन के लिए स्वीकृति मिलने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का जताया आभार
अंबाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर सफर होगा आसान, लाखों यात्रियों को मिलेगा लाभ : अनिल विज
डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक एलीवेटिड हाइवे, वाहन चालकों का घटेगा समय : अनिल विज

अम्बाला/चण्डीगढ, 03 मार्च –  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है जोकि अंबाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए होली पर एक बड़ी खुशखबरी है।
श्री विज ने बताया कि अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने “फाइनल लोकेशन सर्वे” (एफएलएस) को हरी झंडी दे दी है। नई लाइन बिछाने के लिए अब जल्द सर्वे का कार्य प्रारंभ होगा। इस स्वीकृति के लिए उन्होंने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद जताते हुए बताया कि उन्हें पत्र के माध्यम से रेल मंत्री द्वारा फाइनल लोकेशन सर्वे स्वीकृत मिलने की जानकारी मिली है जोकि लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशबरी है।
गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अम्बाला-चंडीगढ़ के मध्य बढ़ती यात्री संख्या के मद्देनजर रेलमंत्री के समक्ष इस मांग को उठाया था जिसके बाद रेलमंत्री द्वारा इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई करते हुए अम्बाला-चंडीगढ़ के मध्य तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण हेतु “फाइनल लोकेशन सर्वे” की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
सर्वे के उपरांत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अंबाला छावनी से चंडीगढ़ मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्ग, विद्यार्थी, व्यापारी एवं श्रमिक आवागमन करते हैं। वर्तमान में बस सेवाओं और निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है, इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। इस नई रेल लाइन के शुरू होने से न केवल यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीसरी और चौथी रेल लाइन का सर्वे जल्द पूरा होगा।

रेललाइन बनने से कई राज्यों के यात्रियों को मिलेगा लाभ
अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन की सख्त आवश्यकता है क्योंकि इस समय दो रेललाइन ही इस व्यस्तम रेलमार्ग पर है। अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़ के लाखों यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं जिस कारण इस रेलमार्ग पर परिचालित ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है।
इसके अलावा अम्बाला छावनी प्रमुख सैन्य और औद्योगिक केंद्र है जबकि राज्य की राजधानी चंडीगढ़ के मध्य प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस दोनों शहरों के मध्य कनेक्टिविटी बेहतर होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन आसान होगा।

डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक एलिवेटेड हाइवे, वाहन चालकों का घटेगा समय : अनिल विज
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला से चंडीमंदिर, कालका-शिमला का सफर अब पहले से आसान होगा। डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 10 किलोमीटर लंबा एलीवेटिड (जमीन से ऊंचा) रोड बनाया जाएगा ताकि अम्बाला से आने वाले वाहनों को सीधा बिना रूके जीरकपुर बाईपास पर जोड़ा सके और जीरकपुर बाईपास से वह सीधे चंडीमंदिर, कालका व शिमला के लिए जा सके। यह 10 किलोमीटर लंबा नया एलीवेटिड रोड निर्माणाधीन अम्बाला-मोहाली हाईवे से शुरू होकर सीधा जीरकपुर बाईपास पर मिलेगा जिसपर लगभग 1464 करोड़ की लागत लगेगी। इस नई सड़क के बनने से वाहन चालकों के समय की बचत होगी। यह रोड डेराबस्सी के रज्जो माजरा से शुरू होकर जीरकपुर बाईपास पर जोड़ी जाएगी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सिफारिश की थी और अब इसपर काम होने पर उन्होंने मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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