हरियाणवी लोक धुनों से सजी कला परिषद की शाम, सुरसरिता कार्यक्रम में कलाकारों ने मचाया धमाल
कला कीर्ति भवन में सितार, तबले और नगाड़ा की जुगलबंदी ने बांधा समां, शास्त्रीय वाद्यवृंद कार्यक्रम के कायल हुए श्रोता ———- संगीत के बिना जीवन अधूरा है। कैलाश सैनी ………..…
