अम्बाला, 6 जून
उपायुक्त डा0 शालीन ने कहा कि बाढ़ से बचाव हेतू जो भी जरूरी कदम हैं और व्यवस्थाएं की जानी हैं, वे सम्बन्धित विभाग समय रहते पूरी कर लें। उपायुक्त आज पंचायत भवन अम्बाला शहर में बाढ़ से बचाव की तैयारियों को लेकर जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे थे। इस बैठक में एनएएचआई तथा रेलवे विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में उपायुक्त डा0 शालीन ने बाढ़ जैसी आपदा के दौरान किस प्रकार से सम्बन्धित विभागों द्वारा आपसी सांमजस्य के साथ कार्य करना है इस बारे में उन्हें विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, बीडीपीओ एवं एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट की गाड़ी में पब्लिक एड्रस सिस्टम, टार्च तथा कम से कम 100 फीट लंबाई की रस्सी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के फ्लड कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करे, इसके लिए रोस्टर अनुसार कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाए।
बैठक में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार ने उपायुक्त को बताया कि कंट्रोल रूम बना दिया गया है। जिस पर कर्मचारियों की डयूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम का फोन नम्बर 0171-4023613 काम कर रहा है।
उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फ्लड से सम्बन्धित एक कम्यूनिकेशन प्लान भी तैयार किया जाए तथा जो कर्मचारी कंट्रोल रूम पर डयूटी पर रहेंगे, उनकी परोपर ट्रेनिंग करवाई जाए ताकि उन्हें पता हो कि फ्लड आने पर किस प्रकार से काम करते हुए जानकारी देनी है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग, नगर निगम, एचएसवीपी, पब्लिक हैल्थ, रेलवे सहित सम्बन्धित विभाग अपने-अपने क्षेत्र में नालों एवं ड्रेनों और सिवरेज की सुचारू रूप से सफाई करवाएं तथा नालों से निकलने वाली गाद आदि को वहां से उठवाएं जिससे कि बारीश के दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े और निचले क्षेत्रों में पानी का जमाव न हो। उन्होने कहा कि पानी निकालने के लिए पम्प सैट तथा किश्ती/बोट की व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने अम्बाला के तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे पंचकूला जिले के तहसीलदार के साथ तालमेल बनाएं कि जो नदियां पंचकूला जिला से होकर जिला अम्बाला में आती हैं, उनमें जब अधिक मात्रा में पानी आए तो वे इसकी जानकारी समय रहते दें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में कम्यूनिटी सैंटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुरूद्वारा साहिब तथा धर्मशालाओं में ऐसी व्यवस्था रखी जाए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में यहां पर लोगों को ठहराने की आवश्यकता पड़े तो उन्हें प्रयोग में लाया जा सके।
उन्होंने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि वे ब्लॉक को ईकाई मानकर जेसीबी/पॉकलेन के ड्राईवर का नाम, फोन नम्बर की जानकारी बीडीपीओ के साथ सांझा करें तथा इसकी एक सूची 15 जून तक तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित वलरेबल एरिया में बेलदार आदि कर्मचारी के पास कम से कम 100 कट्टे रेत, मिट्टी से भरे होने चाहिए, जिससे कि जब भी कटाव की शुरूआत हो तो वह एहतियातन शुरू में ही उनका उपयोग कर सकें। उन्होंने पीडब्लयूडी विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि सडक़ों पर बारीश के दिनों में पानी का जमाव न हो तथा किन-किन क्षेत्रों में सडक़ों पर पानी का जमाव होने की संभावना है, इसका भी निरीक्षण करके 15 जून तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके लिए बीडीपीओ के साथ तालमेल बनाकर काम करें।
उन्होंने डीएसपी को निर्देश दिए कि वे पुलिस चौकी इंचार्ज तथा थाना प्रबंधको की मीटिंग लेकर उन्हें कंट्रोल रूम का नम्बर देने के साथ ही बाढ़ जैसी स्थिति में किस प्रकार से दूसरे विभागों के साथ तालमेल बनाकर काम करना है इस बारे में जानकारी दें। उन्होंने बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता से बिजली संबधी समस्याओं के समाधान के लिए किस प्रकार की व्यवस्था की गई है, इसके बारे में जानकारी ली। बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता संजीव सिवाच द्वारा हैल्प लाईन नम्बर 1912 के बारे में बताया गया। जिस पर उपायुक्त ने 1912 को डायल कर इस हैल्प लाईन की वास्तविकता जांचने के लिए टैस्ट काल करके देखा तो इसे ठीक पाया। उन्होंने कहा कि नदी-नालों एवं निचले क्षेत्रो में बिजली के पोल और कम उंचाई की लाईनें अगर हैं, उनको जांच लें कि बारीश एवं बाढ़ जैसी स्थिति में पोल एवं लाईने गिरने की समस्या तो नही आयेगी।
उन्होंने नगर निगम की संयुक्त आयुक्त अदिति से निगम क्षेत्र में नालों एवं ड्रेनों की सफाई के बारे में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी नालों की सफाई तीव्र गति से करवाई जाए तथा नेहरू युवा केन्द्र, रैडक्रास, एनएसएस तथा भारत स्काउटस के 30-30 और होमगार्ड के 50 जवानों की आपदा मित्र वलैंटियरस के तौर पर ट्रेनिंग करवाई जाए। उन्होंने पशुपालन तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें फ्लड के दौरान किस प्रकार से कार्य करेंगी तथा फस्र्ट एड किट तैयार करने के बारे में निर्देश दिए। उन्होने कहा कि आपदा के दौरान आपसी तालमेल के साथ काम करना बेहद जरूरी होता है।
उन्होंने नगर निगम की संयुक्त आयुक्त अदिति को निर्देश दिए कि वे निगम की इंजिनियरिंग विंग/सैनेटरी दरोगा, एचएसवीपी/पब्लिक हैल्थ के कनिष्ठ अभियंता की एक संयुक्त ट्रेनिंग 18 जून को करवाएं। उन्होंने तहसीलदार व बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे नम्बरदारों तथा चौकीदारों की मीटिंग लेकर उन्हें बताएं कि बारीश के दिनों में बाढ़ एवं पानी के जमाव की स्थिति अगर उत्पन्न होती है तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन तथा कंट्रोल रूम में दें।
बैठक में एडीसी अपराजिता, एसीयूटी रवि मीणा, एसडीएम नारायणगढ़ यश जालुका, एसडीएम अम्बाला शहर दर्शन कुमार, एसडीएम अम्बाला कैंट सत्येन्द्र सिवाच, एसडीएम बराड़ा अश्वनी मलिक, सीटीएम विश्वजीत सिंह, आरटीए सुशील कुमार, डीआरओ योगेश कुमार, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, कृषि विभाग के उप निदेशक जसविन्द्र सिंह, डीएसपी रमेश कुमार, डिजास्टर मैनेजमैंट की प्रोजैक्टर ऑफिसर अनिता ठाकुर सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
