केयू धरोहर तीज उत्सव में दिखी हरियाणवी लोक संस्कृति की झलक
कुरुक्षेत्र, 15 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के धरोहर हरियाणा संग्रहालय में शनिवार को धरोहर तीज उत्सव का आयोजन किया गया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं एवं लोक विरासत की मनोहारी झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हरियाणा की लोक संस्कृति हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। तीज जैसे पारंपरिक उत्सव हमारी लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा धरोहर हरियाणा संग्रहालय के माध्यम से प्रदेश की लोक विरासत को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। प्रो. सोमनाथ ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों एवं युवाओं को अपनी परंपराओं और विरासत को समझने तथा उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं। धरोहर तीज उत्सव इसी दिशा में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पहल है।
विशिष्ट अतिथि कुलसचिव लेफ्टिनेंट (प्रो.) वीरेन्द्र पाल ने कहा कि धरोहर तीज उत्सव हरियाणा की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धरोहर हरियाणा संग्रहालय के प्रोफेसर इंचार्ज व कार्यक्रम संयोजक प्रो. विवेक चावला ने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया। तीज उत्सव पर कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल सहित सभी ने धरोहर परिसर में झूला झूलकर व गीत गाकर तीज त्यौहार मनाया व मिठाई वितरित की गई।
इस अवसर पर डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल व उनकी धर्मपत्नी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. विवेक चावला, प्रो. जसबीर ढांडा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. आनंद कुमार, कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. कुसुमलता, प्रो. दीपक राय बब्बर, प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. गुरचरण सिंह, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. पूजा सहित शिक्षक व कर्मचारी मौजूद थे।
