कुरुक्षेत्र, 14 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) तथा कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – हैंड्स-ऑन एआई फॉर टीचर्स विषयक एक सप्ताह का ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. संजीव अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक शिक्षा और शोध का अभिन्न अंग बन चुका है तथा शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखना चाहिए। विशिष्ट अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के यूआईटी निदेशक प्रो. ए.जे. सिंह ने शिक्षकों से एआई का नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।
समापन सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने एआई की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का स्वागत किया। एमएमटीटीसी के उपनिदेशक डॉ. नीरज बतिश ने उच्च शिक्षा में एआई जैसी उभरती तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रमेश कैत ने सात दिवसीय एफडीपी की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसमें जेनरेटिव एआई, एआई आधारित शिक्षण, शोध, डेटा माइनिंग, नैतिक एआई तथा शिक्षा में उपयोगी नवीन एआई टूल्स पर विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए।
अंत में डॉ. आशीष गिरधर ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ ही विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अधिगम और शोध में उभरती तकनीकों के प्रभावी उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
